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नई दिल्ली | संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान तनावपूर्ण स्थिति बन गई। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़े, जिन्हें रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड लगाए थे। पुलिस के अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की, जिसके बाद आंसू गैस के गोले छोड़े गए और हल्का बल प्रयोग किया गया। इस दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शनकारियों की क्या है मांग?
प्रदर्शनकारी कथित NEET-UG 2026 परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। बड़ी संख्या में समर्थक जंतर-मंतर पर एकत्र हुए, जहां से संसद की ओर मार्च निकाला गया।

अभिजीत दिपके समेत कई लोग हिरासत में
CJP के प्रवक्ता सौरव दास के मुताबिक, पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। वहीं, समाजवादी पार्टी ने दावा किया कि उसकी सांसद डिंपल यादव और कुछ अन्य नेताओं को भी प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया। पुलिस ने इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

संसद और आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मार्च को देखते हुए संसद भवन और नई दिल्ली जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) समेत अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई और एहतियात के तौर पर कुछ मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए।

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल जारी
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले तीन सप्ताह से भूख हड़ताल पर हैं। उन्हें शनिवार को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उन्होंने अस्पताल में भी अपना अनशन जारी रखा है। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े हालिया मामलों में जवाबदेही तय होने तक वे अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे।
लोकसभा की कार्यवाही छह बार स्थगित

संसद के मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही छह बार स्थगित करनी पड़ी। दोपहर बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू करने की घोषणा की गई।
अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान की मुलाकात
प्रदर्शन के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद भवन स्थित अपने कार्यालय में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की। यह बैठक उस समय हुई जब प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च कर रहे थे। हालांकि, बैठक में क्या चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

पुलिस ने पहले ही जारी की थी चेतावनी
दिल्ली पुलिस ने मार्च से पहले स्पष्ट किया था कि संसद की ओर मार्च निकालने की अनुमति नहीं दी गई है। साथ ही नई दिल्ली जिले में बीएनएसएस की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू होने की जानकारी देते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की थी।

फिलहाल क्या है स्थिति?
दोपहर तक कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा चुका था। संसद और आसपास के पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। पुलिस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।





