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बीकानेर (राजस्थान): केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश की सीमाओं की सुरक्षा को लेकर अब तक का सबसे सख्त रुख अपनाया है। राजस्थान के बीकानेर में आयोजित एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक में उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि देश की सीमाओं से 15 किलोमीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गृह मंत्री ने ऐसे सभी अवैध ढांचों को तुरंत जमींदोज (ध्वस्त) करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
इस बैठक में भारत-पाकिस्तान सीमा से जुड़े जिलों की सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से रिव्यू किया गया।

फर्जीवाड़ा रोकने के लिए प्रशासन को मिले 4 बड़े टास्क
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को सुरक्षा और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष जिम्मेदारी सौंपी है:
- फर्जी दस्तावेजों पर सर्जिकल स्ट्राइक: सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय फर्जी आधार कार्ड, फर्जी कंपनियों और जाली बैंक खातों की पहचान कर उन्हें तुरंत ब्लॉक और कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
- बैंकिंग लेनदेन पर पैनी नजर: यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बॉर्डर वाले इलाकों में होने वाला हर एक बैंकिंग लेनदेन पूरी तरह से कानूनी नियमों के दायरे में हो।
- बड़े बिजनेस घरानों की जांच: सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रहे बड़े व्यापारिक संस्थानों की जांच की जाएगी और उनके आय के स्रोतों (Sources of Income) की पूरी पड़ताल होगी।
- साइबर क्राइम पर लगाम: गृह मंत्री ने साइबर अपराधों को रोकने और आम जनता की सुरक्षा के लिए ‘1930’ हेल्पलाइन नंबर का ज्यादा से ज्यादा और प्रभावी इस्तेमाल करने पर जोर दिया।

सुरक्षा एजेंसियों के बीच बनेगा ‘कंट्रोल नेटवर्क’
अमित शाह ने हर सीमावर्ती जिले की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए एक मजबूत त्रिकोणीय व्यवस्था (आम नागरिक, राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियां) बनाने पर जोर दिया। उन्होंने बॉर्डर सिक्योरिटी को अचूक बनाने के लिए इन प्रमुख विभागों के बीच बेहतर तालमेल और रियल-टाइम कोऑर्डिनेशन की आवश्यकता बताई:
- BSF (सीमा सुरक्षा बल)
- CBDT (केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड)
- NCB (स्वापक नियंत्रण ब्यूरो / नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो)
- राज्य प्रशासन और स्थानीय पुलिस





