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भोपाल। राजधानी में पेट्रोल पंपों पर घटतौली और मिलावट की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। शहर के करीब 200 पेट्रोल पंपों की जांच के लिए 8 एसडीएम और 8 तहसीलदारों के नेतृत्व में विशेष जांच दल गठित किए गए हैं। ये टीमें अगले 7 से 15 दिनों के भीतर आकस्मिक निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेंगी।
क्षमता से ज्यादा पेट्रोल भरने की शिकायत बनी वजह
सोमवार को भोपाल के एक पेट्रोल पंप पर कार मालिक ने आरोप लगाया कि 37 लीटर क्षमता वाली कार में 39 लीटर पेट्रोल भर दिया गया। ग्राहक ने आपत्ति जताई, लेकिन पेट्रोल पंप संचालक ने पूरे पैसे वसूल लिए। इससे पहले भी एक पुलिस अधिकारी ने दूसरे पेट्रोल पंप पर ऐसी ही शिकायत दर्ज कराई थी। लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद प्रशासन हरकत में आया।

इन बिंदुओं पर होगी जांच
जांच दल पेट्रोल पंपों पर निम्न बिंदुओं की जांच करेंगे—
- पेट्रोल और डीजल में घटतौली
- ईंधन की गुणवत्ता और मिलावट
- हवा भरने की मशीन चालू है या नहीं
- पीने के पानी, शौचालय और फर्स्ट एड की व्यवस्था
- शिकायत पुस्तिका और हेल्पलाइन नंबर की उपलब्धता
- बिक्री रिकॉर्ड और स्टॉक का मिलान
- ऑयल कंपनियों की निर्धारित कैपिंग के बाद अतिरिक्त बिक्री

उपभोक्ताओं के अधिकार
प्रशासन ने बताया कि उपभोक्ताओं को पेट्रोल पंप पर कई सुविधाएं मिलना अनिवार्य है।
- 5 लीटर माप (मेजरमेंट कैन) से ईंधन की जांच कराने का अधिकार।
- पेट्रोल और डीजल पूरी तरह शुद्ध होना चाहिए।
- वाहनों में मुफ्त हवा भरने की सुविधा।
- स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था।
- महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग एवं साफ शौचालय।
- फर्स्ट एड बॉक्स और शिकायत पुस्तिका उपलब्ध होना जरूरी।

गड़बड़ी मिलने पर होगी कार्रवाई
अपर कलेक्टर प्रकाश नायक ने जांच टीमों को आकस्मिक निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। जांच में यदि घटतौली, मिलावट या अन्य अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित पेट्रोल पंप को नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद संबंधित ऑयल कंपनी नियमानुसार कार्रवाई करेगी और आवश्यकता पड़ने पर अन्य वैधानिक कदम भी उठाए जाएंगे।





