शक्कर के दाम में फिर उछाल: डेढ़ महीने में 15 रुपये महंगी, भोपाल में 58 तो सीहोर में 68 रुपये किलो तक पहुंचा भाव

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drnewsindia.com / भोपाल/सीहोर | 18 अगस्त 2026

त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले शक्कर के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। भोपाल के थोक बाजार में सोमवार को बारीक शक्कर 57 रुपये और मोटी शक्कर 58 रुपये किलो तक बिकी। शनिवार को दोनों के भाव 53 और 54 रुपये किलो थे। यानी महज तीन दिन में शक्कर के दाम में 4 रुपये किलो की तेजी दर्ज की गई है। कारोबारियों के मुताबिक पिछले डेढ़ महीने में शक्कर करीब 15 रुपये किलो महंगी हो चुकी है।

सीहोर में भी शक्कर के भाव भोपाल से करीब 10 रुपये किलो अधिक चल रहे हैं। यहां थोक बाजार में शक्कर का भाव करीब 67 से 68 रुपये किलो तक पहुंच गया है। इससे स्थानीय मिठाई दुकानदारों, बेकरी, नमकीन कारोबारियों और होटल-रेस्टोरेंट संचालकों की लागत बढ़ रही है।

त्योहारों में मांग बढ़ने से और तेजी की आशंका

रक्षाबंधन के साथ ही त्योहारी सीजन शुरू हो रहा है। इस दौरान मिठाई, नमकीन, बेकरी और अन्य खाद्य पदार्थों के उत्पादन में शक्कर की खपत बढ़ जाती है। कारोबारियों का कहना है कि यदि बाजार में आवक और स्टॉक मांग के अनुरूप नहीं रहा तो आने वाले दिनों में कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।

थोक शक्कर व्यापारी रुपेश जीवनानी के अनुसार कीमतों में लगातार बढ़ोतरी चिंता का विषय है। उनका कहना है कि सरकार को बढ़ते दामों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए। वहीं अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के महासचिव अनुपम अग्रवाल ने भी त्योहारी मांग बढ़ने के साथ शक्कर के दाम और बढ़ने की आशंका जताई है।

देशभर में भी बढ़े शक्कर के भाव

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश में शक्कर का औसत खुदरा भाव एक महीने में 47.94 रुपये से बढ़कर 51.68 रुपये किलो हो गया है। यानी करीब 7.81 प्रतिशत की वृद्धि हुई। एक साल में खुदरा भाव 45.84 रुपये से बढ़कर 51.68 रुपये किलो हो गया है।

थोक बाजार में भी एक महीने में शक्कर का औसत भाव 4,447.57 रुपये से बढ़कर 4,780.14 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया है। सालाना आधार पर भी इसमें करीब 11.63 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।

भोपाल और सीहोर में शक्कर के भाव

भोपाल: 57 से 58 रुपये किलो
सीहोर: 67 से 68 रुपये किलो
सीहोर में भोपाल से अंतर: करीब 10 रुपये किलो

बढ़ती कीमतों का सीधा असर आने वाले त्योहारी सीजन में मिठाई और अन्य खाद्य उत्पादों की लागत पर पड़ सकता है। यदि आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ तो उपभोक्ताओं को भी महंगी शक्कर का असर बाजार में देखने को मिल सकता है।

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