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सीहोर ब्यूरो डेस्क (19 जुलाई 2026): सीहोर जिले के बुधनी में स्थित प्रसिद्ध विजयासन देवी धाम सलकनपुर में रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और गुप्त नवरात्रि के चलते बड़ा ट्रेफिक जाम लग गया। पहाड़ी पर स्थित मुख्य मंदिर की ओर जाने वाले सड़क मार्ग पर वाहनों के रुकने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया, जिससे भीषण गर्मी और उमस के बीच श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जाम की भयावह स्थिति को देखते हुए सलकनपुर चौकी पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस बल ने कड़ी धूप में करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जाम को खुलवाया और यातायात को सामान्य कराया।
📌 सलकनपुर महा-जाम: मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- ⛰️ जाम का केंद्र: सलकनपुर पहाड़ी मार्ग और मंदिर से ठीक पहले का मुख्य चढ़ाई वाला रास्ता।
- ⏳ समय की बर्बादी: करीब 2 घंटे तक पूरी तरह बाधित रहा यातायात, पुलिस ने मशक्कत के बाद बहाल कराया रास्ता।
- 🚨 जाम की मुख्य वजह: सूर्य द्वार सीढ़ी मार्ग पर वन परिक्षेत्र के अंदर अवैध रूप से लगी अस्थायी दुकानें और नो-पार्किंग।
- 🚗 संडे रश: गुप्त नवरात्रि और रविवार (अवकाश का दिन) एक साथ होने के चलते चार पहिया वाहनों का बढ़ा दबाव।

🛑 अस्थायी दुकानदारों की मनमानी: चढ़ाई के बीच में ही रुकवा रहे गाड़ियाँ
स्थानीय निवासियों और चश्मदीदों के अनुसार, सलकनपुर पहाड़ी मार्ग पर इस नियमित जाम की असली वजह कुछ दुकानदारों की मनमानी है:
कार चालकों को गुमराह करने का खेल: सूर्य द्वार सीढ़ी मार्ग के पास, वन परिक्षेत्र के अंदर कई अस्थायी दुकानें सज गई हैं। ये दुकानदार अपना सामान बेचने और अपनी पार्किंग चलाने के चक्कर में श्रद्धालुओं की कारों को बीच चढ़ाई में ही जबरन रुकवा देते हैं। वे वाहन चालकों को गुमराह करते हुए कहते हैं कि— “आगे गाड़ी ले जाने का फायदा नहीं है, यहाँ से सीढ़ी मार्ग बहुत पास है, आप यहीं गाड़ी खड़ी करके सीढ़ियों से चले जाइए।”
इस अव्यवस्थित ढंग से सड़क किनारे खड़े होने वाले वाहनों के कारण मुख्य मार्ग बेहद संकरा हो जाता है। नतीजतन, पीछे से आ रहे सैकड़ों वाहनों के पहिए थम जाते हैं और पहाड़ी पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग जाती हैं।

⚠️ बढ़ती भीड़ के बीच ठोस ट्रैफिक प्लान की दरकार
सलकनपुर में हर रविवार, मंगलवार और सार्वजनिक अवकाश के दिनों में आने वाले भक्तों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है।
- गंभीर होती समस्या: श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ ही सड़क किनारे होने वाली अव्यवस्थित पार्किंग और अस्थायी अतिक्रमण अब एक गंभीर चुनौती बन चुका है।
- स्थानीय लोगों की मांग: क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट से मांग की है कि वन क्षेत्र में लगी इन अस्थायी दुकानों को तत्काल हटाया जाए और पहाड़ी मार्ग पर ‘नो-पार्किंग जोन’ का कड़ाई से पालन कराया जाए ताकि दोबारा ऐसी अव्यवस्था न हो।




