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सीहोर। आगामी मानसून (वर्षा ऋतु) को देखते हुए सीहोर नगर पालिका ने शहर में जनसुरक्षा के मद्देनजर कड़ा रुख अपना लिया है। हादसों और जनहानि की आशंका को टालने के लिए नगर पालिका अमले ने चिन्हित किए गए जर्जर और खतरनाक भवनों के खिलाफ जमींदोज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने भवन स्वामियों को सुरक्षा मानकों का पालन करने की सख्त चेतावनी दी है और नागरिकों से अपने क्षतिग्रस्त मकानों की तत्काल मरम्मत कराने की अपील की है।
🛑 क्यों जरूरी हुई यह कार्रवाई? (चरखा लाइन हादसे से लिया सबक)
नगर पालिका के प्रभारी राजस्व अधिकारी संजय शुक्ला ने बताया कि यह कार्रवाई नगर पालिका सीएमओ सुधीर सिंह के निर्देशों पर की जा रही है।
पिछला हादसा: पूर्व में नगर के चरखा लाइन क्षेत्र में एक जर्जर मकान क्षतिग्रस्त होकर गिर गया था, जिसके मलबे में दबने के कारण एक बुजुर्ग महिला की मृत्यु हो गई थी। इस दुखद घटना से सबक लेते हुए प्रशासन इस बार बारिश से पहले ही पूरी तरह अलर्ट है।

🏗️ हाउसिंग बोर्ड में एक दर्जन मकानों पर चला बुलडोजर
शहर में ऐसे कई मकान हैं जो बेहद जर्जर स्थिति में पहुंच चुके हैं। इसी कड़ी में हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में लगभग एक दर्जन जर्जर मकानों को हटाने की कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान मौजूद मुख्य टीम:
- विजय कोली (सहायक यंत्री, नगर पालिका)
- वैभव लोवनिया (सहायक यंत्री, नगर पालिका)
- तिलक वर्मा (अतिक्रमण प्रभारी)
- एवं अन्य नगर पालिका अधिकारी व पुलिस बल।

📋 पहले दिए गए थे नोटिस, समय सीमा खत्म होने पर हुआ एक्शन
राजस्व प्रभारी श्री शुक्ला ने स्पष्ट किया कि बरसात के मौसम में पुराने और कमजोर मकानों के ढहने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। इससे न सिर्फ रहने वालों की जान को खतरा होता है, बल्कि आसपास की संपत्ति और राहगीरों को भी नुकसान पहुंच सकता है।
- तकनीकी निरीक्षण: नगर पालिका की तकनीकी टीम द्वारा पूरी जांच के बाद ही इन भवनों को ‘अत्यधिक जर्जर और खतरनाक’ घोषित किया गया था।
- नोटिस की अनदेखी: इन मकान मालिकों को पहले ही नोटिस जारी कर खुद मरम्मत कराने या भवन हटाने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी जब कोई सुधार नहीं किया गया, तब नगर पालिका ने मजबूरन इन्हें जमींदोज करने का कदम उठाया।

📢 नगर पालिका की नागरिकों से विशेष अपील
नगर पालिका प्रशासन ने शहरवासियों से सहयोग की अपील करते हुए दो मुख्य बातें कही हैं:
- तत्काल सूचना दें: यदि आपके आसपास कोई भी भवन या दीवार जर्जर और खतरनाक अवस्था में दिखती है, तो इसकी सूचना तुरंत नगर पालिका प्रशासन को दें।
- समय रहते कराएं मरम्मत: सभी पुराने व क्षतिग्रस्त मकानों के मालिक मानसून के सक्रिय होने से पहले अनिवार्य रूप से अपने घरों को दुरुस्त करवा लें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना या हादसे से बचा जा सके।
“नागरिकों की सुरक्षा नगर पालिका की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बारिश के मौसम में किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोकने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।”
— नगर पालिका प्रशासन, सीहोर
📌 मुख्य बिंदु (Quick Takeaways)
| मुख्य विवरण | जानकारी |
| कार्रवाई का कारण | मानसून के दौरान हादसों को रोकना और जन-धन की सुरक्षा |
| प्रमुख प्रभावित क्षेत्र | हाउसिंग बोर्ड (करीब एक दर्जन मकानों पर कार्रवाई) |
| प्रशासनिक नेतृत्व | सीएमओ सुधीर सिंह एवं प्रभारी राजस्व अधिकारी संजय शुक्ला |
| आगे की रणनीति | चिन्हित जर्जर भवनों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा |





