drnewsindia.com / किसान बुलेटिन | कृषि एवं उपार्जन अपडेट्स
सीहोर (31 जुलाई 2026): मध्यप्रदेश में मूंग उपार्जन को लेकर किसानों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर है। कृषि विभाग के सचिव श्री निशांत वरवड़े ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से प्रदेश भर में संचालित उपार्जन व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान निर्णय लिया गया कि किसानों से मूंग उपार्जन का लक्ष्य बढ़ाकर लगभग 60 प्रतिशत कर दिया गया है।
💻 पोर्टल पर कैसे काम करेगी नई व्यवस्था?
- पुनः स्लॉट बुकिंग: जिन किसानों ने अपनी पहले से स्वीकृत मात्रा का विक्रय कर लिया है, वे पोर्टल पर बढ़ी हुई मात्रा के लिए दोबारा स्लॉट बुकिंग कर सकेंगे।
- स्वतः (Automatic) अपडेट: जिन किसानों की आगामी स्लॉट बुकिंग पहले से तय है, उनकी बढ़ी हुई मात्रा पोर्टल पर अपने आप अपडेट हो जाएगी।

🏛️ कृषि सचिव के मुख्य निर्देश: पारदर्शी हो पूरी व्यवस्था
सीहोर कलेक्ट्रेट एनआईसी कक्ष से कलेक्टर श्री बालागुरु के. और कृषि उप संचालक श्री अशोक कुमार उपाध्याय सहित जिले के प्रमुख अधिकारी इस समीक्षा बैठक में शामिल हुए। सचिव श्री वरवड़े ने अधिकारियों को निम्नलिखित दिशा-निर्देश दिए:
- उर्वरक एवं खाद प्रबंधन: निजी उर्वरक विक्रेताओं पर सतत निगरानी रखी जाए ताकि यूरिया व अन्य खादों की कालाबाजारी न हो और किसानों को आसानी से खाद मिले।
- उपलब्धता और गुणवत्ता: उपार्जन केंद्रों एवं वेयरहाउसों में केवल साफ व गुणवत्तायुक्त उपज ही ली जाए।
- पारदर्शी तौल-कांटा: तौल प्रक्रिया पूरी शुद्धता और पारदर्शिता के साथ हो। व्यापारियों के स्टाफ की भी समय-समय पर चेकिंग की जाए।
- ई-टोकन व स्लॉट संचालन: पात्र किसानों को समय पर लाभ दिलाने के लिए ई-टोकन व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

📢 सीहोर कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के तुरंत बाद सीहोर कलेक्टर श्री बालागुरु के. ने जिले के सभी उपार्जन अधिकारियों को मैदान पर उतरकर काम करने के निर्देश दिए:
कलेक्टर का संदेश: “सभी अधिकारी सजगता, सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करें। मूंग उपार्जन और तौल प्रक्रिया के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।”




