drnewsindia.com / सूरत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के सूरत में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब अराजकता और अनिश्चितता की राजनीति को स्वीकार नहीं कर रही है और लगातार ऐसे राजनीतिक तौर-तरीकों को नकार रही है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले कई वर्षों से कांग्रेस देश में अस्थिरता और अफरा-तफरी का माहौल बनाकर राजनीतिक अवसर तलाशने की कोशिश करती रही है, लेकिन जनता ने हर बार उसके इस प्रयास को अस्वीकार किया है।
“12 साल से अवसर तलाश रही कांग्रेस”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस पिछले 12 वर्षों से देश में कठिन परिस्थितियों और संकट के समय राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करती रही है। उनका आरोप था कि कांग्रेस विकास और सकारात्मक राजनीति की बजाय अराजकता और भ्रम की राजनीति पर भरोसा करती है, लेकिन देश के मतदाता अब इस सोच को समझ चुके हैं।

कई राज्यों का दिया उदाहरण
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने विभिन्न राज्यों के चुनावी नतीजों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें हैं, वहां भी जनता का भरोसा लगातार कम होता दिखाई दे रहा है।
पीएम मोदी ने हिमाचल प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि हालिया चुनावों में कांग्रेस को जनता का अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने हरियाणा का जिक्र करते हुए कहा कि निकाय चुनावों में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा।
पंजाब और कर्नाटक का भी किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने पंजाब का जिक्र करते हुए कहा कि वहां की जनता ने भी कांग्रेस को नकारने का काम किया है। वहीं कर्नाटक के संदर्भ में उन्होंने दावा किया कि राज्य में कांग्रेस सरकार के खिलाफ लोगों में नाराजगी बढ़ रही है, जिसका असर चुनावी परिणामों में भी दिखाई दे रहा है।

विकास और जनकल्याण पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार का मुख्य उद्देश्य विकास, सुशासन और जनकल्याण है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश के हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है और जनता इसी विकास मॉडल पर भरोसा जता रही है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
सूरत से दिए गए प्रधानमंत्री के इस बयान को आगामी चुनावी रणनीति और राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस और भाजपा के बीच पहले से जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच पीएम मोदी का यह संबोधन चर्चा का विषय बना हुआ है।





