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भोपाल। राजधानी भोपाल में स्वच्छ सर्वेक्षण की टीम अगले 2 दिनों के भीतर दस्तक दे सकती है। नगर निगम इस बार बेहतर अंक हासिल करने के लिए दिन-रात एक किए हुए है। इसी कवायद के तहत सोमवार को जोन-9 के पंजाबी बाग की एक गली में समंदर की खूबसूरत आकृति उकेरी गई, जिसे देखने लोग भी पहुँच रहे हैं। शहर के अलग-अलग हिस्सों में ऐसी करीब 40 पेंटिंग्स बनाई गई हैं।
लेकिन इस बार का मुकाबला आसान नहीं है; भोपाल को सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर भी सफाई साबित करनी होगी।
🎯 1500 अंकों की ‘विजिबल क्लीनलीनेस’ चुनौती
आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में ‘विजिबल क्लीनलीनेस’ (जमीन पर दिखने वाली सफाई) पर विशेष फोकस किया है। नई गाइडलाइंस के तहत कुल रैंकिंग इन मुख्य इंडिकेटर्स के आधार पर तय होगी:
- ऑन-ग्राउंड असेसमेंट और सिटीजन फीडबैक: 10,500 अंक
- विजिबल क्लीनलीनेस (दिखने वाली सफाई): 1,500 अंक
- ODF / ODF++ / वाटर प्लस रेटिंग: 1,000 अंक
- कचरा मुक्त शहर स्टार रेटिंग: 1,000 अंक

📊 ग्राउंड रियलिटी: कहाँ मिलेंगे नंबर और कहाँ है खतरा?
शहर को चमकाने के लिए करीब 3 करोड़ रुपए से वॉल पेंटिंग कराई जा रही है, लेकिन जमीनी हकीकत में अभी भी कई पेंच फंसे हैं:
| सफाई का पैमाना (Parameter) | तय अंक | भोपाल की वर्तमान स्थिति और चुनौतियाँ |
| बाजारों में सफाई (दिन में 2 बार) | 300 अंक | न्यू मार्केट, 10 नंबर, पुराना शहर, करोंद और बैरागढ़ जैसे बड़े बाजारों में कचरा उठाना प्राथमिकता है, पर कई जगह अब भी गंदगी है। |
| बैक लेन (गलियों की सफाई) | 200 अंक | घरों और दुकानों के पीछे की गलियों को सुधारा जा रहा है। पंजाबी बाग की बैक लेन का काम पूरा हो चुका है। |
| सड़कें और ब्यूटीफिकेशन | 200 अंक | करोड़ों की पेंटिंग तो हो रही है, लेकिन कई जगह सड़कें उखड़ी और गड्ढों वाली हैं। (पिछली बार GIS में 100 करोड़ खर्च हुए थे)। |
| नालों और तालाबों का संरक्षण | 200 अंक | 6 जोन में नालों की सफाई पूरी हो चुकी है। भानपुर में ₹50 करोड़ की लागत से 60 MLD का STP बन रहा है। |
| सार्वजनिक स्थल (गुटका-पान मुक्त) | 150 अंक | दीवारों और निर्माण कार्यों के बैरिकेड्स पीकदान बन चुके हैं। निगम की चेतावनी के बाद भी हालात नहीं सुधरे। |
| स्लम और स्कूल परिसर | 150 + 100 | रवींद्र भवन के पास प्रमुख नाले के पास गंदगी है। स्लम एरिया में लगी लोहे की जालियां कई जगह से टूट चुकी हैं। |
| कचरा पॉइंट हटाना | 100 + 100 | जिन जगहों को पहले कचरा मुक्त किया गया था, वहाँ फिर से कचरा पॉइंट बन गए हैं। प्लास्टिक की डस्टबिन टूट चुकी हैं। |

⚠️ सबसे बड़ा सिरदर्द: ‘आदमपुर कचरा खंती’
भोपाल की रैंकिंग के सामने सबसे बड़ा रोड़ा हर साल की तरह इस बार भी आदमपुर कचरा खंती में जमा ‘लेगेसी वेस्ट’ (पुराना कचरा) बना हुआ है।
- यहाँ कचरे का पहाड़ जस का तस खड़ा है।
- कचरे के ढेर से गंदा पानी (लीचेट) बह रहा है।
- बार-बार लगने वाली आग के कारण आस-पास का पूरा इलाका प्रदूषित हो रहा है, जिससे इस बार भी अंक कटने का बड़ा खतरा है।
🧹 निगम का ‘लास्ट मिनट’ एक्शन प्लान
टीम के आने से ठीक पहले नगर निगम ने वीआईपी रोड, बाजारों और सार्वजनिक शौचालयों की सफाई तेज कर दी है। साथ ही नागरिकों से ‘सिटीजन फीडबैक’ में बेहतर रिस्पॉन्स देने की अपील की जा रही है। अब देखना यह है कि करोड़ों की यह पेंटिंग और आखिरी वक्त की दौड़भाग भोपाल को स्वच्छता का सरताज बना पाती है या नहीं।





