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भुज (गुजरात) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा पर सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण G-7 और G-13 बॉर्डर आउट पोस्ट (BOPs) का उद्घाटन किया। इस मौके पर जवानों और आम जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने देश की सीमाओं को सुरक्षित करने और अवैध घुसपैठ को पूरी तरह खत्म करने पर ज़ोर दिया।
⚡ बड़ी घोषणा: अब ‘क्वाड्रिपार्टिट सुरक्षा ग्रिड’ से होगी देश की रक्षा
गृह मंत्री ने सीमा प्रबंधन (Border Management) में एक बड़े ऐतिहासिक बदलाव का एलान किया। सरकार अब पारंपरिक सुरक्षा से आगे बढ़कर ‘टेरिटोरियल सिक्योरिटी’ (प्रादेशिक सुरक्षा) के नए मॉडल पर काम कर रही है।
🤝 इस नए सुरक्षा मॉडल के 5 मुख्य स्तंभ:
- BSF (सीमा सुरक्षा बल): सीमा पर तैनात मुख्य बल।
- भारतीय सेना (Military): बाहरी खतरों से निपटने के लिए बैकअप।
- स्थानीय पुलिस (Local Police): आंतरिक सुरक्षा और खुफिया जानकारी।
- सिविल प्रशासन (Civil Administration): सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास और समन्वय।
- स्थानीय नागरिक (Citizens): देश की सुरक्षा में सजग प्रहरी की भूमिका।

🛠️ ‘लीक-प्रूफ’ सुरक्षा के लिए हाई-टेक तकनीक का इस्तेमाल
अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार सीमाओं को पूरी तरह सुरक्षित और ‘अभेद्य’ बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रही है।
“हम ड्रोन, अत्याधुनिक रडार और मॉडर्न फेंसिंग (आधुनिक बाड़ लगाने की तकनीक) के ज़रिए एक ऐसा सुरक्षा ग्रिड तैयार कर रहे हैं, जिसमें से परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा।” — अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री
📍 सर क्रीक और हरामी नाला अब पूरी तरह सुरक्षित
पहले जिन इलाकों को बेहद संवेदनशील माना जाता था, जैसे सर क्रीक और हरामी नाला, उन्हें अब वॉचटावर और पक्की सड़कों से जोड़कर मजबूत कर दिया गया है। गृह मंत्री ने भरोसा जताया कि अगले दो वर्षों के भीतर यह पूरा क्षेत्र किसी भी बाहरी खतरे से 100% सुरक्षित हो जाएगा।

🇮🇳 BSF के सर्वोच्च बलिदान को नमन
केंद्रीय गृह मंत्री ने BSF की तारीफ करते हुए कहा कि यह बल पिछले छह दशकों (60 साल) से देश की ‘फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस’ (रक्षा की पहली पंक्ति) के रूप में देश की सेवा कर रहा है। उन्होंने सीमा की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले 2,000 से अधिक वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
🤝 पश्चिम बंगाल सीमा को लेकर बड़ा अपडेट
अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का ज़िक्र करते हुए अमित शाह ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया:
- पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के साथ ही सीमा पर बाड़ लगाने (Border Fencing) का पुराना गतिरोध खत्म हो गया है।
- राज्य सरकार ने महज एक हफ्ते के भीतर सीमा पर बाड़ लगाने के लिए ज़मीन उपलब्ध करा दी है, जिससे अब वहां भी काम तेज़ी से आगे बढ़ेगा।
उपस्थिति:
इस खास अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी और देश के कई शीर्ष सुरक्षा अधिकारी भी मौजूद रहे।





