दिवाली की सफाई में बरतें सावधानी: धूल से छींक-खांसी ही नहीं, सांस लेने में भी हो सकती है परेशानी; जानें बचाव के तरीके

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नई दिल्ली। दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही घरों में साफ-सफाई का काम तेज हो जाता है। लोग अलमारियों, पर्दों, पंखों, फर्नीचर और स्टोर रूम की सफाई में जुट जाते हैं। कई महीनों से बंद पड़े सामान और कम इस्तेमाल होने वाले कमरों की सफाई भी इसी दौरान की जाती है। घर को साफ-सुथरा बनाने की यह तैयारी त्योहार का अहम हिस्सा है, लेकिन इस दौरान सेहत को नजरअंदाज करना परेशानी का कारण बन सकता है।

लंबे समय से जमा धूल को हटाते समय उसके बारीक कण हवा में फैल जाते हैं। सांस के साथ ये कण शरीर में पहुंच सकते हैं और कुछ लोगों में एलर्जी के लक्षण पैदा कर सकते हैं। ऐसे में बार-बार छींक आना, नाक में खुजली, खांसी, गले में परेशानी और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जिन लोगों को पहले से धूल से एलर्जी या सांस संबंधी बीमारी है, उन्हें सफाई करते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

सफाई के दौरान क्यों होने लगती है छींक और खांसी?

घर के पर्दों, गद्दों, अलमारियों, पंखों, सोफे और स्टोर रूम में धूल जमा होने की संभावना रहती है। लंबे समय तक साफ-सफाई न होने पर धूल के साथ धूल के सूक्ष्म कण, डस्ट माइट्स और कुछ परिस्थितियों में फंगस के कण भी मौजूद हो सकते हैं। जब इन जगहों पर सूखी झाड़ू या कपड़ा चलाया जाता है, तो जमा धूल हवा में फैल सकती है।

इन कणों के संपर्क में आने पर संवेदनशील लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली प्रतिक्रिया दे सकती है। इसके कारण नाक में खुजली, लगातार छींक, नाक बहना, आंखों में जलन, खांसी और गले में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ लोगों में धूल के संपर्क से सांस की नलियों में सूजन या सिकुड़न बढ़ सकती है, जिससे सांस लेने में कठिनाई हो सकती है।

धूल से एलर्जी वाले लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत

जिन लोगों को पहले से धूल, धूल के सूक्ष्म कणों या अन्य पदार्थों से एलर्जी है, उनके लिए दिवाली की सफाई अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है। ऐसे लोगों में धूल के संपर्क में आने के बाद सामान्य छींक और खांसी से लेकर सांस संबंधी गंभीर परेशानी तक हो सकती है। इसलिए उन्हें सफाई शुरू करने से पहले ही बचाव की योजना बना लेनी चाहिए।

विशेष रूप से अस्थमा या सांस की अन्य बीमारी से जूझ रहे लोगों को धूल वाले वातावरण से बचने की कोशिश करनी चाहिए। यदि डॉक्टर ने पहले से कोई दवा या इनहेलर निर्धारित किया है, तो उसका इस्तेमाल चिकित्सक के निर्देशों के अनुसार करना चाहिए। केवल घरेलू उपायों के भरोसे गंभीर लक्षणों को नजरअंदाज करना उचित नहीं है।

दिवाली की सफाई के बाद 38 वर्षीय महिला की बिगड़ी तबीयत

धूल से एलर्जी की गंभीरता समझने के लिए डॉक्टर ने 38 वर्षीय एक महिला का मामला बताया। जानकारी के अनुसार, महिला को बचपन से ही धूल से एलर्जी थी। पहले धूल के संपर्क में आने पर उसे छींक आने लगती थी, लेकिन दवा लेने से आराम मिल जाता था।

दिवाली की सफाई के दौरान महिला ने एक ही दिन में पूरा घर साफ करने का फैसला किया। सफाई करते समय उसने मास्क नहीं पहना और बीच-बीच में आराम भी नहीं किया। इसके बाद उसे लगातार छींक और खांसी होने लगी। धीरे-धीरे उसकी सांस लेने की परेशानी बढ़ गई और यहां तक कि चलने-फिरने में भी दिक्कत होने लगी।

सफाई करते समय N95 मास्क का करें इस्तेमाल

दिवाली की सफाई के दौरान धूल के संपर्क को कम करने के लिए मास्क पहनना एक उपयोगी सावधानी हो सकती है। N95 मास्क हवा में मौजूद कई बारीक कणों को छानने के लिए बनाया जाता है। हालांकि, इसका प्रभाव सही फिटिंग और उचित इस्तेमाल पर निर्भर करता है। मास्क पहनने के साथ-साथ धूल को हवा में फैलने से रोकना भी जरूरी है।

यदि घर में किसी व्यक्ति को पहले से धूल से एलर्जी या सांस लेने की समस्या है, तो बेहतर होगा कि वह अधिक धूल वाली सफाई से दूरी बनाए। जरूरत पड़ने पर परिवार का कोई अन्य सदस्य यह काम कर सकता है। सफाई करने वाले व्यक्ति को भी अपने स्वास्थ्य और आराम का ध्यान रखना चाहिए।

सांस लेने में परेशानी हो तो तुरंत लें चिकित्सकीय मदद

यदि सफाई के दौरान लगातार खांसी, छींक या अन्य एलर्जी के लक्षण दिखाई दें, तो धूल से दूर होना और स्थिति पर ध्यान देना जरूरी है। पहले से एलर्जी या सांस संबंधी बीमारी होने पर सफाई शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना उपयोगी हो सकता है।

सांस लेने में गंभीर परेशानी, सीने में जकड़न, बोलने में कठिनाई, होंठों का नीला पड़ना या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। ऐसे समय में घरेलू नुस्खों को आजमाने या लक्षण अपने आप ठीक होने का इंतजार करने के बजाय समय पर इलाज को प्राथमिकता देनी चाहिए।

दिवाली पर घर को साफ और व्यवस्थित रखना अच्छी तैयारी का हिस्सा है, लेकिन सफाई के दौरान स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां अपनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। धूल को हवा में कम फैलाने वाले तरीकों का इस्तेमाल, N95 मास्क की उचित फिटिंग, सफाई को कई दिनों में बांटना और बीच-बीच में आराम करना उपयोगी कदम हो सकते हैं।

खासकर धूल से एलर्जी या सांस संबंधी परेशानी वाले लोगों को अपनी स्थिति के अनुसार सावधानी बरतनी चाहिए। त्योहार की तैयारियों में जल्दबाजी करने के बजाय काम को व्यवस्थित तरीके से पूरा करना बेहतर है। साफ घर के साथ सुरक्षित वातावरण और सेहत का ध्यान रखना भी दिवाली की तैयारी का अहम हिस्सा है।

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