सिर्फ कैल्शियम की गोली खाने से मजबूत नहीं होंगी हड्डियां, विटामिन D, सही डाइट और एक्सरसाइज भी जरूरी

0
3

अक्सर लोग अपनी हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए रोजाना कैल्शियम की गोलियां लेते हैं। कई लोगों को लगता है कि अगर वे नियमित रूप से कैल्शियम सप्लीमेंट ले रहे हैं, तो उनकी हड्डियां कमजोर नहीं होंगी और भविष्य में फ्रैक्चर का खतरा भी कम रहेगा। लेकिन हड्डियों की सेहत का संबंध केवल कैल्शियम की मात्रा से नहीं है। शरीर कैल्शियम को कितनी अच्छी तरह अवशोषित करता है, भोजन में दूसरे पोषक तत्व कितने पर्याप्त हैं और व्यक्ति की शारीरिक गतिविधियां कैसी हैं, ये सभी बातें महत्वपूर्ण हैं।

हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए कैल्शियम के साथ विटामिन D, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम की भी जरूरत होती है। इसके अलावा उम्र, हार्मोन, कुछ बीमारियां और जीवनशैली भी हड्डियों की मजबूती को प्रभावित कर सकती हैं।

इसलिए केवल कैल्शियम की गोली लेने के बजाय यह समझना जरूरी है कि शरीर को इस खनिज की आवश्यकता क्यों होती है और इसे प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

कैल्शियम हड्डियों के लिए क्यों जरूरी है?

कैल्शियम शरीर में सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला खनिज है। इसका बड़ा हिस्सा हड्डियों और दांतों में मौजूद रहता है। यह हड्डियों की संरचना और मजबूती बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके अलावा मांसपेशियों के संकुचन, नसों के संकेतों और सामान्य रक्त के थक्के बनने जैसी प्रक्रियाओं के लिए भी कैल्शियम जरूरी है।

यदि भोजन से शरीर को पर्याप्त कैल्शियम नहीं मिलता, तो शरीर रक्त में कैल्शियम का स्तर बनाए रखने के लिए हड्डियों में जमा कैल्शियम का इस्तेमाल कर सकता है। लंबे समय तक पोषण की कमी और अन्य जोखिम कारकों के कारण हड्डियों की मजबूती प्रभावित हो सकती है।

हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि हर व्यक्ति को कैल्शियम की गोलियां लेने की जरूरत है। कई लोगों की दैनिक आवश्यकता संतुलित भोजन से पूरी हो सकती है। दूध, दही, पनीर, कुछ हरी पत्तेदार सब्जियां, तिल और कैल्शियम से समृद्ध खाद्य पदार्थ इसके उपयोगी स्रोत हो सकते हैं।

विटामिन D के बिना कैल्शियम का अवशोषण प्रभावित हो सकता है

हड्डियों की सेहत में विटामिन D की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। यह आंतों से कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है, जिससे शरीर भोजन में मौजूद कैल्शियम का बेहतर उपयोग कर पाता है।

इसे एक आसान उदाहरण से समझ सकते हैं। कैल्शियम को हड्डियों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री मानें और विटामिन D को उस प्रक्रिया में मदद करने वाला जरूरी घटक। यदि शरीर में विटामिन D पर्याप्त नहीं है, तो कैल्शियम का अवशोषण प्रभावित हो सकता है।

विटामिन D की गंभीर या लंबे समय तक बनी रहने वाली कमी से हड्डियों का खनिजीकरण प्रभावित हो सकता है। बच्चों में इसकी कमी से रिकेट्स और वयस्कों में ऑस्टियोमलेशिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ लोगों में मांसपेशियों की कमजोरी और हड्डियों में दर्द भी दिखाई दे सकता है, हालांकि ये लक्षण कई अन्य कारणों से भी हो सकते हैं।

इसलिए केवल कैल्शियम का सेवन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। यदि शरीर में विटामिन D की कमी है, तो उसका पता लगाना और जरूरत के अनुसार उपचार कराना भी जरूरी है।

विटामिन D कहां से मिलता है?

विटामिन D के प्रमुख स्रोतों में सूर्य की रोशनी के संपर्क में आने पर त्वचा में इसका निर्माण और कुछ खाद्य पदार्थ शामिल हैं। शरीर में इसका निर्माण त्वचा, सूर्य के प्रकाश में मौजूद UVB किरणों की मदद से करता है।

हालांकि, विटामिन D बनने की मात्रा कई कारकों पर निर्भर करती है। इनमें दिन का समय, मौसम, त्वचा का रंग, कपड़ों से ढका शरीर, प्रदूषण और व्यक्ति की भौगोलिक स्थिति शामिल हैं। इसलिए सभी लोगों के लिए धूप में रहने का एक ही समय या अवधि निर्धारित नहीं की जा सकती।

खाद्य पदार्थों में वसायुक्त मछली, अंडे की जर्दी और विटामिन D से समृद्ध दूध या अन्य उत्पाद उपयोगी स्रोत हो सकते हैं। कुछ लोगों को भोजन और सामान्य धूप के बावजूद पर्याप्त विटामिन D नहीं मिल पाता। ऐसे मामलों में डॉक्टर जरूरत के अनुसार जांच और सप्लीमेंट की सलाह दे सकते हैं।

हड्डियों की मजबूती के लिए एक्सरसाइज भी जरूरी

कैल्शियम और विटामिन D के अलावा शारीरिक गतिविधियां हड्डियों के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। हड्डियां जीवित ऊतक हैं और उनका निर्माण तथा पुनर्निर्माण जीवनभर चलता रहता है। नियमित व्यायाम इस प्रक्रिया को समर्थन दे सकता है।

चलना, सीढ़ियां चढ़ना, नृत्य करना और अपनी क्षमता के अनुसार वजन उठाने वाले व्यायाम हड्डियों तथा मांसपेशियों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकते हैं। प्रतिरोधक व्यायाम, जैसे हल्के वजन या रेजिस्टेंस बैंड के साथ प्रशिक्षण, मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं।

मजबूत मांसपेशियां शरीर का संतुलन बेहतर बनाने और गिरने के जोखिम को कम करने में भी सहायक हो सकती हैं। यह बात विशेष रूप से बुजुर्गों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ गिरने और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ सकता है।

हड्डियों के लिए कैसी होनी चाहिए आपकी डाइट?

हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए भोजन में केवल कैल्शियम और विटामिन D पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। शरीर को प्रोटीन, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम और अन्य पोषक तत्व भी चाहिए, जो हड्डियों तथा मांसपेशियों के सामान्य स्वास्थ्य में योगदान देते हैं।

दैनिक भोजन में दूध, दही, पनीर, दालें, बीन्स, मेवे, बीज, हरी सब्जियां और पर्याप्त प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं। भोजन का चुनाव व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य, खानपान की पसंद और उपलब्धता के अनुसार होना चाहिए।

यदि कोई व्यक्ति दूध या डेयरी उत्पाद नहीं लेता, तो वह कैल्शियम से समृद्ध विकल्पों और अन्य कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों पर ध्यान दे सकता है। पैकेटबंद उत्पादों पर पोषण संबंधी जानकारी पढ़ना भी उपयोगी होता है, क्योंकि सभी पौधों पर आधारित दूध या अन्य विकल्पों में कैल्शियम और विटामिन D की मात्रा समान नहीं होती।

कैल्शियम की गोली कब लेनी चाहिए?

कैल्शियम सप्लीमेंट उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकते हैं जिनकी भोजन से मिलने वाली कैल्शियम की मात्रा पर्याप्त नहीं है या जिन्हें किसी विशेष स्वास्थ्य स्थिति के कारण अतिरिक्त कैल्शियम की जरूरत है। लेकिन बिना जरूरत सप्लीमेंट लेना सही तरीका नहीं है।

कैल्शियम की अत्यधिक मात्रा कुछ लोगों में कब्ज और अन्य समस्याएं पैदा कर सकती है। कुछ परिस्थितियों में अधिक कैल्शियम लेने से गुर्दे की पथरी का जोखिम भी बढ़ सकता है। इसके अलावा कैल्शियम सप्लीमेंट कुछ दवाओं के अवशोषण में हस्तक्षेप कर सकते हैं।

इसलिए सप्लीमेंट की मात्रा और समय डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार तय करना चाहिए। यदि विटामिन D की कमी का संदेह है, तो चिकित्सक लक्षणों और जोखिम कारकों के आधार पर जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।

हड्डियों की मजबूती केवल कैल्शियम की गोली खाने पर निर्भर नहीं करती। शरीर को कैल्शियम का पर्याप्त सेवन, उसके अवशोषण में मदद करने वाला विटामिन D, संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधियों की जरूरत होती है। उम्र, स्वास्थ्य और जीवनशैली के अनुसार इन जरूरतों में अंतर हो सकता है।

इसलिए हड्डियों की सेहत बनाए रखने का बेहतर तरीका है कि पोषण, व्यायाम और आवश्यक होने पर चिकित्सकीय जांच पर एक साथ ध्यान दिया जाए। कैल्शियम सप्लीमेंट तभी लें जब उसकी जरूरत हो और उसकी मात्रा स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार तय करें। इससे हड्डियों की देखभाल अधिक सुरक्षित और प्रभावी तरीके से की जा सकती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here