नई दिल्ली| देशभर में आज 6 नवंबर 2026 को धनतेरस का त्योहार मनाया जा रहा है। दीपावली से पहले आने वाले इस पर्व पर सोना, चांदी और अन्य कीमती धातुएं खरीदना शुभ माना जाता है। यही वजह है कि धनतेरस के मौके पर सराफा बाजारों और ज्वेलरी दुकानों में ग्राहकों की खास दिलचस्पी रहती है। हालांकि, इस साल सोने और चांदी की कीमतों में बीते कुछ महीनों के दौरान काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। जनवरी 2026 में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद दोनों कीमती धातुओं के भाव में गिरावट आई, लेकिन इस गिरावट के बावजूद आम खरीदारों के लिए राहत की स्थिति नहीं बनी है।

अगर पिछले साल के धनतेरस से तुलना की जाए तो इस बार सोना और चांदी दोनों महंगे हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले धनतेरस के मुकाबले 24 कैरेट सोने की कीमत में प्रति 10 ग्राम 14,545 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, 999 शुद्धता वाली चांदी भी प्रति किलोग्राम 15,070 रुपये महंगी हो गई है। यानी हाल के दिनों में कीमतों में आई गिरावट के बावजूद सालाना आधार पर दोनों धातुओं के दाम ऊपर बने हुए हैं।
पिछले धनतेरस के मुकाबले सोना कितना महंगा?
सोने की कीमतों की तुलना करने के लिए पिछले साल धनतेरस के आसपास के कारोबारी भाव को आधार बनाया गया है। वर्ष 2025 में धनतेरस 18 अक्टूबर को थी। उस दिन शनिवार होने के कारण तुलना के लिए 17 अक्टूबर 2025 के आखिरी कारोबारी सत्र का भाव लिया गया है।
IBJA के आंकड़ों के मुताबिक, 17 अक्टूबर 2025 को 24 कैरेट सोने की कीमत 1,29,584 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। इसके मुकाबले 5 नवंबर 2026 को सोने का भाव बढ़कर 1,42,129 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। दोनों कीमतों के बीच अंतर 14,545 रुपये है।
इसका मतलब है कि पिछले धनतेरस से लेकर इस साल धनतेरस तक 10 ग्राम 24 कैरेट सोना करीब 11.22 प्रतिशत महंगा हुआ है। जिन लोगों ने पिछले साल धनतेरस के आसपास सोना खरीदा था, उन्हें आज के भाव से तुलना करने पर कीमत में उल्लेखनीय अंतर दिखाई देगा।
चांदी के भाव में भी सालाना बढ़ोतरी
सोने की तरह चांदी की कीमत में भी पिछले धनतेरस से इस साल तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। चांदी की कीमतों में हाल के महीनों में तेज उतार-चढ़ाव रहा है। इसके बावजूद पिछले साल के मुकाबले इसका भाव ज्यादा है।
IBJA के आंकड़ों के अनुसार, 18 अक्टूबर 2025 को धनतेरस के समय 999 शुद्धता वाली चांदी का भाव 1,69,230 रुपये प्रति किलोग्राम था। वहीं, 5 नवंबर 2026 को चांदी की कीमत बढ़कर 1,84,300 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।
इस तरह एक साल में चांदी प्रति किलोग्राम 15,070 रुपये महंगी हुई है। प्रतिशत के हिसाब से देखें तो इसमें करीब 8.91 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। चांदी खरीदने वाले ग्राहकों के लिए यह अंतर खास मायने रखता है, क्योंकि धनतेरस पर चांदी के सिक्के, बर्तन, पूजा सामग्री और उपहार खरीदने की परंपरा है।
जनवरी के रिकॉर्ड स्तर के बाद आई गिरावट
वर्ष 2026 में सोने और चांदी की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। जनवरी में दोनों कीमती धातुओं ने रिकॉर्ड ऊंचाई को छुआ था। इसके बाद बाजार में गिरावट का दौर आया और कीमतें अपने ऊंचे स्तर से नीचे आईं।
हालांकि, किसी धातु के हालिया उच्चतम भाव से गिरने का मतलब यह नहीं है कि वह पिछले साल के मुकाबले सस्ती हो गई है। इस साल धनतेरस पर सोने और चांदी की कीमतों की तुलना पिछले वर्ष के भाव से करने पर यही स्थिति सामने आती है। दोनों धातुएं अपने हालिया ऊंचे स्तर से नीचे होने के बावजूद सालाना आधार पर महंगी हैं।
इस अंतर को समझना खरीदारों के लिए जरूरी है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी धातु का भाव कुछ सप्ताह पहले के मुकाबले कम हुआ है, तो भी संभव है कि वह एक साल पहले की तुलना में अधिक कीमत पर बिक रही हो। इसलिए खरीदारी का फैसला केवल हालिया गिरावट देखकर नहीं करना चाहिए।
इस अंतर को समझना खरीदारों के लिए जरूरी है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी धातु का भाव कुछ सप्ताह पहले के मुकाबले कम हुआ है, तो भी संभव है कि वह एक साल पहले की तुलना में अधिक कीमत पर बिक रही हो। इसलिए खरीदारी का फैसला केवल हालिया गिरावट देखकर नहीं करना चाहिए।
धनतेरस पर खरीदारी से पहले किन बातों का रखें ध्यान?
धनतेरस के अवसर पर सोना-चांदी खरीदते समय ग्राहक कुछ जरूरी बातों पर ध्यान दे सकते हैं। सबसे पहले, खरीदारी के दिन का ताजा भाव जांचना चाहिए। IBJA के भाव बाजार के लिए संदर्भ दर उपलब्ध कराते हैं, जबकि स्थानीय दुकानों पर अंतिम कीमत अलग हो सकती है।
सोने के आभूषण खरीदते समय हॉलमार्क और शुद्धता की जानकारी देखना उपयोगी है। 24 कैरेट सोना सामान्यतः सिक्कों और निवेश संबंधी उत्पादों में इस्तेमाल होता है, जबकि आभूषणों में अलग-अलग कैरेट की शुद्धता हो सकती है। इसलिए ग्राहक को बिल पर कैरेट, वजन और कीमत की जानकारी स्पष्ट रूप से दर्ज करवानी चाहिए।
चांदी खरीदते समय भी उसकी शुद्धता की पुष्टि करना जरूरी है। 999 शुद्धता वाली चांदी का भाव और आभूषण या बर्तनों की वास्तविक कीमत अलग हो सकती है। डिजाइन, निर्माण लागत और अन्य शुल्क के कारण अंतिम कीमत बदल सकती है।
क्या इस धनतेरस पर सोना-चांदी सस्ता मिला?
उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर इसका जवाब नहीं है। जनवरी 2026 के रिकॉर्ड स्तर से सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट जरूर आई है, लेकिन पिछले धनतेरस के मुकाबले दोनों धातुएं अब भी महंगी हैं। 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम 14,545 रुपये और 999 शुद्धता वाली चांदी प्रति किलोग्राम 15,070 रुपये महंगी दर्ज की गई है।
इसलिए धनतेरस 2026 पर खरीदारी करने वाले ग्राहकों को पिछले साल की तुलना में अधिक रकम खर्च करनी पड़ सकती है। हालांकि, कितनी खरीदारी करनी है, यह पूरी तरह व्यक्तिगत जरूरत और बजट पर निर्भर करता है। त्योहार के उत्साह में खरीदारी करने से पहले मौजूदा भाव, शुद्धता, मेकिंग चार्ज और अंतिम बिल की तुलना करना समझदारी होगी।




