भोपाल। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शुक्रवार देर रात मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंचे। दिल्ली में व्यस्त कार्यक्रमों के कारण उनके भोपाल रवाना होने में करीब ढाई घंटे की देरी हुई। निर्धारित कार्यक्रम में बदलाव के चलते भोपाल में उनके स्वागत के लिए स्टेट हैंगर पहुंचे मंत्रियों और विधायकों को वापस अपने घर लौटना पड़ा। इसके बाद अमित शाह देर रात करीब 12 बजे भोपाल पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों और भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत किया।
दिल्ली की व्यस्तता के कारण कार्यक्रम में हुई देरी
जानकारी के अनुसार, अमित शाह को दिल्ली में व्यस्तताओं के कारण भोपाल के लिए रवाना होने में लगभग ढाई घंटे की देरी हुई। उनके कार्यक्रम में हुई देरी का असर भोपाल में स्वागत की तैयारियों पर भी पड़ा। केंद्रीय मंत्री के स्वागत के लिए स्टेट हैंगर पहुंचे मध्य प्रदेश सरकार के मंत्रियों और विधायकों को काफी देर इंतजार करना पड़ा। बाद में कार्यक्रम में देरी को देखते हुए उन्हें स्टेट हैंगर से वापस घर भेज दिया गया।
इसके बाद अमित शाह के भोपाल पहुंचने का इंतजार जारी रहा। रात करीब 12 बजे उनके स्टेट हैंगर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। देर रात राजधानी पहुंचने के कारण एयरपोर्ट और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था भी बनाए रखी गई।
गोपालक सम्मेलन में 35 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की तैयारी
भोपाल में आयोजित गोपालक सम्मेलन में 35 हजार से अधिक गोपालकों और दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। सम्मेलन में सिर्फ भोपाल जिले के प्रतिभागी ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के कई जिलों से गोपालक और दुग्ध क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि पहुंचेंगे।
कार्यक्रम में सीहोर, बैतूल, राजगढ़, हरदा, गुना, अशोकनगर, शाजापुर, विदिशा, रायसेन और नर्मदापुरम सहित कई जिलों से प्रतिभागियों के पहुंचने की जानकारी है। इससे सम्मेलन का दायरा क्षेत्रीय स्तर से बढ़कर व्यापक राज्यस्तरीय कार्यक्रम का रूप ले रहा है।
दुग्ध सहकारी समितियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इन समितियों के माध्यम से दूध उत्पादकों को एक संगठित व्यवस्था से जुड़ने का अवसर मिलता है। गोपालक सीधे या सहकारी तंत्र के माध्यम से दुग्ध उत्पादन और उसकी बिक्री की प्रक्रिया से जुड़े होते हैं। ऐसे में हजारों गोपालकों की मौजूदगी वाला सम्मेलन पशुपालन और दुग्ध सहकारिता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए एक बड़ा मंच बन सकता है।




