drnewsindia.com \ नई दिल्ली | टेक व शिक्षा डेस्क
बड़ी खबर: सीबीएसई (CBSE) के री-इवैल्यूएशन पोर्टल के पेमेंट सिस्टम में एक बड़ा सुरक्षा उल्लंघन (Security Breach) सामने आया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, एक ‘मैलिशियस अटैक’ (दुर्भावनापूर्ण हमले) के कारण लगभग 50 छात्रों को सिस्टम का अनधिकृत एक्सेस मिल गया, जिससे फीस भुगतान में भारी गड़बड़ी देखने को मिली।
📉 फीस सिस्टम में क्या हुई गड़बड़ी?
सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ के बाद पोर्टल पर फीस की राशि पूरी तरह अनियंत्रित हो गई थी:
- कुछ छात्रों के पोर्टल पर देय फीस सिर्फ 1 रुपये दिखने लगी।
- वहीं कुछ मामलों में यह राशि बढ़कर 67,000 से 68,000 रुपये तक पहुंच गई।
- कारण: यह तकनीकी गड़बड़ी एचडीएफसी (HDFC) बैंक के पेमेंट गेटवे और सीबीएसई पोर्टल के इंटीग्रेशन के बीच हुई थी।

🛠️ एक्शन मोड में सरकार: सिस्टम को सुरक्षित करने के 3 बड़े कदम
मामले की गंभीरता को देखते हुए 24 मई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ उच्च स्तरीय बैठक की, जिसके बाद निम्नलिखित बड़े फैसले लिए गए:
1. IIT और सरकारी विशेषज्ञों को सौंपी जांच
IIT मद्रास, IIT कानपुर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के टॉप साइबर एक्सपर्ट्स की टीम बुलाई गई है। यह टीम पोर्टल के सोर्स कोड और पेमेंट इंटीग्रेशन की बारीकी से समीक्षा कर रही है।

2. AWS (क्लाउड) पर शिफ्ट हुआ सिस्टम
पोर्टल पर ट्रैफिक का दबाव झेलने और स्पेस की कमी को दूर करने के लिए पूरे सिस्टम को अमेज़न वेब सर्विसेज़ (AWS) के सुरक्षित क्लाउड सर्वर पर माइग्रेट कर दिया गया है।
3. जोड़े गए 4 नए सरकारी बैंक
सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए अब केवल एक गेटवे पर निर्भर न रहकर देश के 4 बड़े सरकारी बैंकों के पेमेंट गेटवे को जोड़ा गया है:
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)
- केनरा बैंक (Canara Bank)
- इंडियन बैंक (Indian Bank)
- बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra)





