देशभर में मानसून पर लगा ‘ब्रेक’, 11 साल में तीसरी बार जुलाई सूखा; उमस ने बढ़ाया ‘हीट इंडेक्स’, पूर्वोत्तर में बाढ़ का तांडव

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drnewsindia.com

Weather & Environment Desk (14 July 2026): जुलाई के दूसरे हफ्ते में देश के एक बड़े हिस्से में मानसून की रफ्तार पर अचानक ब्रेक लग गया है। पिछले 11 साल में (2015 और 2021 के बाद) यह तीसरा ऐसा मौका है, जब जुलाई के पीक सीजन में देश के उत्तर-पश्चिम और मध्य भागों में बादल गायब हैं। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 6-7 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में बारिश की उम्मीद बेहद कम है।

दूसरी ओर, इस मानसूनी ब्रेक के कारण पूर्वोत्तर भारत, बिहार और पश्चिम बंगाल में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। मौसम में आए इस बड़े बदलाव के कारण जहां मैदानी इलाकों में उमस भरी गर्मी (Heat Index) ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है, वहीं फसलों पर भी संकट मंडराने लगा है।

📌 मौसम अपडेट की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • 🏜️ 11 साल में तीसरा बड़ा सूखा दौर: जुलाई में मानसून की बेरुखी, राजस्थान और मध्य प्रदेश में औसत से कम बारिश दर्ज।
  • 🥵 तापमान कम, गर्मी ज्यादा: हवा में नमी बढ़ने से दिल्ली-मुंबई सहित कई शहरों का ‘हीट इंडेक्स’ (फील्स लाइक टेम्परेचर) 45°C के पार पहुंचा।
  • 🌊 अरुणाचल में तबाही: क्रा दादी जिले में 84 मीटर लंबा पुल बहा, 8 गांवों का संपर्क टूटा। सूबे में अब तक 7 की मौत।
  • 🌾 खरीफ फसलों पर संकट: ‘दोलत कैपिटल’ की रिपोर्ट के अनुसार, कम बारिश और अल नीनो के प्रभाव से तिलहन, सोयाबीन और कपास की बुवाई प्रभावित।

🥵 क्या है यह ‘हीट इंडेक्स’ जो लोगों को झुलसा रहा है?

देश के कई हिस्सों में इन दिनों वास्तविक तापमान कम होने के बावजूद भीषण गर्मी और पसीने का अहसास हो रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार, जब हवा में नमी (Humidity) अत्यधिक बढ़ जाती है, तो शरीर का पसीना जल्दी नहीं सूखता। इससे शरीर खुद को ठंडा नहीं कर पाता और हमें वास्तविक तापमान से कहीं ज्यादा गर्मी महसूस होती है, इसे ही हीट इंडेक्स कहते हैं।

प्रमुख शहरों का हीट इंडेक्स (14 जुलाई 2026):

  • भुवनेश्वर: तापमान 36°C — गर्मी का अहसास (हीट इंडेक्स 49°C)
  • दिल्ली व श्रीगंगानगर: तापमान 37°C-41°C — गर्मी का अहसास (हीट इंडेक्स 45°C-46°C)
  • मुंबई: तापमान 32°C — गर्मी का अहसास (हीट इंडेक्स 40°C)

मानसून ब्रेक को 2 आसान सवालों से समझिए

सवाल 1: आखिर ‘मानसून ब्रेक’ क्या बला है?जवाब: जब मानसूनी सीजन के दौरान देश के एक बड़े हिस्से में लगातार 5 से 10 दिनों तक बारिश सामान्य से काफी कम हो जाती है, तो उसे ‘मानसून ब्रेक’ कहते हैं। इसका मतलब मानसून का खत्म होना नहीं, बल्कि कुछ समय के लिए धीमा पड़ना है। इस दौरान मध्य और पश्चिम भारत सूखा रहता है, जबकि पूर्वोत्तर और हिमालय की तलहटी में भारी बारिश होती है।

सवाल 2: इस बार यह ब्रेक क्यों और कैसे लगा?

  1. ट्रफ का खिसकना: मानसूनी हवाओं का मुख्य रास्ता (मानसूनी ट्रफ) अपनी सामान्य जगह से उत्तर की ओर यानी हिमालय की पहाड़ियों की तरफ शिफ्ट हो गया है।
  2. अरब सागर की बेरुखी: पश्चिम और मध्य भारत में पानी बरसाने वाली अरब सागर की नम हवाएं इस बार कई दिनों से कमजोर पड़ी हुई हैं।
  3. सिस्टम का एकतरफा होना: बंगाल की खाड़ी में बनने वाले लो-प्रेशर सिस्टम इस बार मध्य भारत की तरफ आने के बजाय बिहार, झारखंड और असम की तरफ बढ़ गए।
  4. कमजोर पश्चिमी विक्षोभ: उत्तर-पश्चिम भारत (पंजाब, हरियाणा, राजस्थान) में इस महीने कोई मजबूत वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय नहीं हुआ।

🌊 स्टेट वेदर बुलेटिन: कहां क्या हैं हालात?

  • अरुणाचल प्रदेश: क्रा दादी जिले में कुमेय नदी पर बना 84 मीटर लंबा पुल बहने से हाहाकार। सूबे के 26 जिलों के 425 गांवों की करीब 1 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है। अधिकारी प्रभावित इलाकों के दौरे पर हैं।
  • उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड: बद्रीनाथ धाम के पास अलकनंदा नदी और प्रयागराज में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। दशाश्वमेध घाट के कई हिस्से आंशिक रूप से जलमग्न हैं।
  • दिल्ली (NCR): मंगलवार सुबह कई इलाकों में हल्की से तेज बौछारें जरूर पड़ीं, लेकिन दिनभर बादल छाए रहने के साथ उमस बनी रही। अधिकतम तापमान 37°C के आसपास दर्ज किया गया, जबकि एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 152 (मध्यम श्रेणी) रहा।
  • छत्तीसगढ़ व मध्य प्रदेश: पिछले 24 घंटों में छत्तीसगढ़ में कई जगहों पर सूखा रहा और मानसून कोटे की बारिश में 26% की कमी आ गई है। मध्य प्रदेश में भी पहली बार जुलाई में मानसूनी सीजन इतना धीमा देखा जा रहा है।

🔮 राहत की खबर: अगले 7 दिनों में फिर पलटेगा पासा

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, खेती और गर्मी से परेशान लोगों के लिए एक अच्छी खबर भी आ रही है। उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया कम दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) बन रहा है।

इस नए सिस्टम के सक्रिय होने से अगले 7 दिनों के भीतर पूर्वी भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश, ओडिशा और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में एक बार फिर से मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू होगा, जिससे देश के मध्य भागों में जारी मानसून का यह ब्रेक समाप्त होने की उम्मीद है।

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