सिहोर। शहर में सीवेज लाइन बिछाने के लिए अच्छी स्थिति में बनी सड़क को खोदे जाने के प्रस्ताव या चल रहे काम को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस की ओर से आईटीसी से इंदौर नाके तक बनी सीसी सड़क को सीवेज लाइन डालने के लिए खोदे जाने का विरोध किया गया है। पार्टी का कहना है कि सड़क के किनारे पर्याप्त जगह उपलब्ध होने के बावजूद सड़क की सतह को तोड़कर पाइपलाइन बिछाने की जरूरत पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने इस मामले को केवल सड़क खोदने तक सीमित न मानते हुए सार्वजनिक धन के उपयोग से भी जोड़ा है। पार्टी का कहना है कि किसी सड़क का निर्माण करने के बाद कुछ ही समय में उसी सड़क को किसी अन्य विकास कार्य के लिए काट दिया जाए और फिर उसकी मरम्मत कराई जाए, तो इससे निर्माण कार्य की योजना और विभागों के बीच समन्वय पर सवाल खड़े होते हैं। पार्टी ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि सीवेज लाइन के काम को इस तरह किया जाए, जिससे सड़क को कम से कम नुकसान पहुंचे।
सड़क के किनारे उपलब्ध जगह के इस्तेमाल की मांग
कांग्रेस की ओर से सुझाए गए विकल्प के मुताबिक सड़क के किनारे मौजूद जगह या फुटपाथ की ओर से सीवेज लाइन बिछाई जा सकती है। पार्टी का कहना है कि यदि तकनीकी रूप से संभव हो तो पाइपलाइन को सड़क के मुख्य हिस्से से हटाकर थोड़ी आगे की ओर से निकाला जाए। इससे सीवेज लाइन बिछाने का काम भी पूरा किया जा सकता है और सीसी सड़क को तोड़ने की जरूरत भी कम हो सकती है।
कांग्रेस का कहना है कि किसी भी बड़े निर्माण या नागरिक सुविधा से जुड़े प्रोजेक्ट में केवल काम पूरा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इस बात पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि पहले से मौजूद सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को अनावश्यक नुकसान न पहुंचे। सड़क, फुटपाथ, पाइपलाइन और अन्य सुविधाओं के निर्माण में बेहतर समन्वय होने से एक ही स्थान पर बार-बार खुदाई और मरम्मत की जरूरत को कम किया जा सकता है।
विकास कार्यों में समन्वय पर उठे सवाल
इस पूरे मामले ने शहर में अलग-अलग नागरिक निर्माण कार्यों के बीच समन्वय की जरूरत को भी सामने ला दिया है। आमतौर पर सड़क निर्माण, सीवेज, पेयजल, बिजली और अन्य यूटिलिटी से जुड़े काम अलग-अलग विभागों या एजेंसियों के स्तर पर किए जाते हैं। यदि इन कार्यों की योजना एक-दूसरे से समन्वय के साथ बनाई जाए, तो तैयार सड़क को दोबारा काटने की आवश्यकता कम हो सकती है।
कांग्रेस ने इसी पहलू को आधार बनाते हुए सवाल किया है कि यदि सीवेज लाइन की आवश्यकता पहले से थी, तो सड़क निर्माण की योजना तैयार करते समय पाइपलाइन के मार्ग को पहले क्यों नहीं तय किया गया। हालांकि, इस संबंध में संबंधित विभाग या प्रशासन की ओर से तकनीकी कारणों अथवा परियोजना की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।





