सीहोर। राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भागीदारी का संदेश देने के उद्देश्य से 31 अक्टूबर 2026 को सीहोर के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, चन्द्रशेखर आज़ाद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में ‘राष्ट्रीय एकता दिवस एवं युवा सृजन संवाद कार्यशाला–2026’ का समापन समारोह आयोजित किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) एवं भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एकता, नागरिक जिम्मेदारियों और वर्तमान समय में साइबर सुरक्षा के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।
समारोह में सीहोर की पुलिस अधीक्षक श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रोहिताश्व कुमार शर्मा ने की। महाविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों और उपस्थित अतिथियों ने राष्ट्रीय एकता, सामाजिक जिम्मेदारी तथा राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार साझा किए।
मां सरस्वती के पूजन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के पूजन और अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। भारतीय परंपरा के अनुरूप ज्ञान की देवी मां सरस्वती की आराधना कर समारोह की औपचारिक शुरुआत की गई। इसके बाद अतिथियों का स्वागत किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित न रखते हुए उन्हें समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराना था। NSS, NCC और भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की सहभागिता ने आयोजन को राष्ट्रीय सेवा, अनुशासन, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक जागरूकता से जोड़ने का अवसर प्रदान किया।
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यशाला के माध्यम से युवाओं को यह संदेश दिया गया कि देश की प्रगति के लिए शिक्षा के साथ-साथ जिम्मेदार नागरिकता, आपसी सहयोग और सामाजिक समरसता भी आवश्यक है।
एसपी सोनाक्षी सक्सेना ने युवाओं को बताया राष्ट्रीय एकता का महत्व
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि देश की एकता और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। युवा पीढ़ी में जागरूकता, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित होने से समाज को सकारात्मक दिशा मिल सकती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे अपने व्यवहार और कार्यों में जिम्मेदारी का परिचय दें तथा समाज में शांति, सद्भाव और आपसी सहयोग बनाए रखने में योगदान करें। उनके अनुसार, किसी भी देश की मजबूती केवल उसकी आर्थिक और भौतिक प्रगति से निर्धारित नहीं होती, बल्कि वहां के नागरिकों के बीच एकता, विश्वास और सामाजिक समरसता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
एसपी ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे कानून का सम्मान करें, अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों को भी समझें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सक्रिय भागीदारी निभाएं।
बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने की अपील
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना ने वर्तमान डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी के प्रति भी विद्यार्थियों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि इंटरनेट, मोबाइल और डिजिटल भुगतान की सुविधाओं ने लोगों के जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इनके उपयोग के दौरान सावधानी बरतना भी बेहद जरूरी है।
आज ऑनलाइन माध्यमों से होने वाली धोखाधड़ी के अनेक तरीके सामने आ रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल समझदारी और सतर्कता के साथ करना चाहिए। उन्होंने युवाओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज नहीं करने की प्रेरणा दी।
ऑनलाइन ठगी से बचाव के लिए कुछ सामान्य सावधानियां विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंकिंग पासवर्ड, एटीएम पिन और अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, अनजान स्रोत से मोबाइल एप डाउनलोड करने और बिना सत्यापन के किसी को ऑनलाइन भुगतान करने से बचना चाहिए।










