देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले में कथित अवैध शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान एक दुखद घटना सामने आई है। देर रात शराब से भरे ट्रक को पकड़ने के लिए पीछा कर रही पुलिस टीम के साथ हुई घटना में खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, हरदा से गुजरात की ओर जा रहे ट्रक को रोकने की कार्रवाई के दौरान चालक ने भागने की कोशिश की। इसी दौरान थाना प्रभारी नीचे गिर गए और ट्रक का पिछला पहिया उनके शरीर के ऊपर से गुजर गया। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी जान चली गई।
घटना के बाद पुलिस ने संबंधित ट्रक को जब्त कर लिया और उसके चालक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब कथित शराब तस्करी से जुड़े नेटवर्क और इस मामले में सामने आए अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। इस घटना ने पुलिस विभाग में शोक का माहौल पैदा कर दिया है।
अवैध शराब से भरे ट्रक की मिली थी सूचना
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि हरदा की ओर से एक ट्रक में अवैध शराब भरकर ले जाई जा रही है। बताया गया था कि ट्रक इंदौर के रास्ते गुजरात की ओर जाने वाला है। सूचना मिलने के बाद देवास पुलिस ने ट्रक को पकड़ने के लिए कार्रवाई शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए देवास के पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने पांच से अधिक पुलिस टीमें गठित की थीं। इन टीमों में कन्नौद, सतवास और खातेगांव के थाना प्रभारियों के साथ अन्य पुलिसकर्मियों को भी शामिल किया गया था।
पुलिस की योजना ट्रक को रास्ते में रोककर उसकी तलाशी लेने और उसमें ले जाई जा रही शराब के संबंध में जानकारी जुटाने की थी। इसके लिए ट्रक की संभावित आवाजाही वाले मार्गों पर निगरानी रखी जा रही थी। पुलिस टीम ट्रक का पीछा कर रही थी और आगे की ओर नाकाबंदी भी की गई थी।
कार्रवाई का उद्देश्य संदिग्ध ट्रक को रोकना और कथित शराब तस्करी के मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई करना था। हालांकि, अभियान के दौरान परिस्थितियां अचानक बदल गईं और पुलिस टीम को गंभीर नुकसान उठाना पड़ा।
हरदा-नेमावर हाईवे पर हुई घटना
बताया गया है कि पुलिस द्वारा पीछा किए जाने के दौरान ट्रक हरदा-नेमावर हाईवे पर रुका था। जानकारी के अनुसार, चालक पानी पीने के लिए वहां ठहरा था। इसी दौरान खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी मौके पर पहुंचे।
उन्होंने ट्रक चालक को नीचे उतरने के लिए कहा, ताकि उससे पूछताछ की जा सके और ट्रक को कब्जे में लिया जा सके। इसी दौरान थाना प्रभारी और चालक के बीच झूमाझटकी होने की बात सामने आई है।
पुलिस को मिली प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, चालक ने ट्रक लेकर वहां से भागने की कोशिश की। इस दौरान दिलीप पुरी नीचे गिर गए। ट्रक का पिछला पहिया उनके शरीर के ऊपर से गुजर गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।
घटना इतनी गंभीर थी कि थाना प्रभारी की जान नहीं बचाई जा सकी। हालांकि, घटना के सभी पहलुओं और मौके पर वास्तव में क्या हुआ, इसकी पुष्टि जांच के निष्कर्षों से ही हो सकेगी।
पांच से अधिक पुलिस टीमों को लगाया गया था अभियान में
देवास पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा के निर्देश पर ट्रक को पकड़ने के लिए कई पुलिस टीमें बनाई गई थीं। इन टीमों में कन्नौद, सतवास और खातेगांव के पुलिस अधिकारी तथा कर्मचारी शामिल थे।
एक से अधिक टीमों की तैनाती का उद्देश्य संदिग्ध वाहन की आवाजाही पर नजर रखना और उसे सुरक्षित तरीके से रोकना था। पुलिस को आशंका थी कि ट्रक में अवैध रूप से शराब ले जाई जा रही है और उसे दूसरे राज्य तक पहुंचाया जा सकता है।
ऐसे मामलों में पुलिस को वाहन की पहचान, उसके मार्ग और संभावित ठिकानों के आधार पर कार्रवाई करनी होती है। इस मामले में भी ट्रक को पकड़ने के लिए पीछा करने के साथ नाकाबंदी की गई थी।
हरदा और देवास के तस्करों के नाम सामने आने की जानकारी
कार्रवाई में शामिल अधिकारियों के मुताबिक, कथित शराब तस्करी के मामले में हरदा के एक तस्कर का नाम सामने आया है। इसके अलावा, देवास के कुछ लोगों के भी इस नेटवर्क में शामिल होने की जानकारी मिली है।
पुलिस इन संभावित संपर्कों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच का प्रमुख उद्देश्य यह पता लगाना है कि ट्रक में शराब किसने लोड कराई, परिवहन की व्यवस्था किसने की और इसे गंतव्य तक पहुंचाने के लिए किन लोगों के बीच संपर्क था।
हालांकि, जिन लोगों के नाम सामने आने की बात कही गई है, उनकी भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध विवरण में नहीं है। इसलिए जांच पूरी होने और संबंधित साक्ष्य सामने आने से पहले किसी व्यक्ति को दोषी मानना उचित नहीं होगा।
देवास जिले में कथित अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत एक गंभीर और दुखद घटना है। पुलिस ने ट्रक नंबर MP 43 H 4786 को जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, हरदा और देवास से जुड़े संभावित तस्करी नेटवर्क की भूमिका की जांच की जा रही है।
अब पूरे मामले में पुलिस जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। उनसे घटना के वास्तविक कारणों, चालक की भूमिका और कथित शराब तस्करी से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।





