विदिशा। देश के कई हिस्सों में खाद्य वस्तुओं और सब्जियों की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर आम परिवारों की रसोई के बजट पर पड़ता है। प्याज भी ऐसी ही जरूरी सब्जियों में शामिल है, जिसकी कीमत में मामूली बढ़ोतरी भी घरेलू खर्च को प्रभावित करती है। मध्य प्रदेश के विदिशा में भी हाल के दिनों में प्याज के भाव को लेकर चर्चा बढ़ी है। खास बात यह है कि विदिशा केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan का संसदीय क्षेत्र है। ऐसे में स्थानीय बाजार में प्याज के भाव में होने वाला बदलाव राजनीतिक और कृषि दोनों नजरियों से चर्चा का विषय बन गया है।
कुछ दिनों में बदला प्याज का भाव
विदिशा के उपलब्ध दैनिक आंकड़ों पर नजर डालें तो 29 सितंबर को प्याज की कीमत 27 रुपये किलो थी। इसके बाद 30 सितंबर को यह 28 रुपये किलो हुई। 1 अक्टूबर को कीमत फिर 27 रुपये किलो दर्ज हुई, जबकि 2 अक्टूबर को प्याज 33 रुपये किलो तक पहुंच गया। 3 अक्टूबर को इसमें एक रुपये की कमी आई और भाव 32 रुपये किलो दर्ज हुआ। इस तरह पांच दिनों के भीतर ही कीमत 27 से बढ़कर 33 रुपये किलो के स्तर तक पहुंची और फिर 32 रुपये पर आई।
इन आंकड़ों से साफ है कि प्याज के भाव में रोजाना बदलाव हो सकता है। सब्जियों की कीमतों पर स्थानीय आवक, मांग, परिवहन, मौसम और मंडी में उपलब्ध स्टॉक जैसे कई कारकों का प्रभाव पड़ता है। इसलिए किसी एक दिन की कीमत को पूरे महीने की स्थायी कीमत नहीं माना जा सकता।
विदिशा में राज्य औसत से भी ऊपर रहा प्याज का भाव
3 अक्टूबर के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश में प्याज का औसत भाव करीब 30.08 रुपये प्रति किलो था, जबकि विदिशा में यह 32 रुपये किलो दर्ज किया गया। यानी विदिशा में प्याज की कीमत राज्य के औसत से लगभग 1.92 रुपये प्रति किलो अधिक थी। उसी दिन मध्य प्रदेश के अलग-अलग शहरों में प्याज की कीमत 27 से 33 रुपये प्रति किलो के बीच बताई गई।
इस अंतर से यह भी पता चलता है कि प्रदेश के सभी बाजारों में प्याज एक ही कीमत पर नहीं बिकता। अलग-अलग शहरों में स्थानीय आपूर्ति और मांग की स्थिति के अनुसार कीमत में अंतर हो सकता है। मंडी से खुदरा बाजार तक पहुंचने के दौरान परिवहन, छंटाई, भंडारण और व्यापारिक लागत भी अंतिम उपभोक्ता कीमत को प्रभावित कर सकती है।





