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सीहोर। जिला मुख्यालय के समीप स्थित कुबेरेश्वरधाम में पांच दिवसीय शिव महापुराण कथा के सफल समापन के बाद आज (बुधवार) गुरु दीक्षा महोत्सव का आयोजन होगा। सुबह 9 बजे से शुरू होने वाले इस महोत्सव में देशभर से लाखों श्रद्धालु गुरु दीक्षा प्राप्त करेंगे। आयोजन को लेकर धाम परिसर में व्यापक तैयारियां की गई हैं, जबकि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते धाम की ओर जाने वाले मार्गों और हाईवे पर देर रात तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं।
शिव महापुराण के समापन पर भावुक हुए श्रद्धालु
पांच दिनों तक शिवभक्ति और सत्संग में डूबे श्रद्धालु कथा समाप्त होने के बाद भावुक नजर आए। कथा पंडाल की पवित्र रज (मिट्टी) को श्रद्धालुओं ने माथे से लगाया और कई लोग इसे अपने साथ घर भी ले गए, ताकि पार्थिव शिवलिंग बनाकर पूजा कर सकें। धाम परिसर में “फिर लौटकर आएंगे कुबेरेश्वरधाम” जैसे संदेशों ने श्रद्धालुओं की भावनाओं को और गहरा कर दिया। कई भक्त आंखों में आंसू लिए एक-दूसरे से दोबारा आने का संकल्प लेते दिखाई दिए।

ज्ञान को जीवन में उतारना ही सच्ची साधना : पंडित प्रदीप मिश्रा
शिव महापुराण कथा के अंतिम दिवस अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि केवल ज्ञान सुनना पर्याप्त नहीं, बल्कि उसे जीवन में उतारना ही सबसे बड़ी साधना है। उन्होंने कहा कि आत्महत्या कभी मोक्ष का मार्ग नहीं हो सकती, बल्कि अहंकार, मोह, लोभ और क्रोध का त्याग ही वास्तविक मुक्ति का मार्ग है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से कठिन परिस्थितियों में भी भगवान पर विश्वास बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि गुरु और शिष्य के बीच धन का नहीं, बल्कि संस्कारों और विचारों का आदान-प्रदान होता है। साथ ही उन्होंने माता-पिता की सेवा को सनातन संस्कृति का सबसे बड़ा धर्म बताया।
कुबेरेश्वरधाम आस्था का प्रमुख केंद्र : पंडित राघव मिश्रा
कथा के दौरान पंडित राघव मिश्रा ने कहा कि भगवान शिव सकारात्मक ऊर्जा के स्रोत हैं और कुबेरेश्वरधाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन चुका है। उन्होंने बताया कि यहां अब तक 100 से अधिक शिव महापुराण कथाओं का आयोजन हो चुका है और यहां आने वाले श्रद्धालु आत्मिक शांति का अनुभव करते हैं।

आज सुबह 9 बजे से गुरु दर्शन और गुरु दीक्षा
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि बुधवार सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक गुरु दर्शन एवं गुरु दीक्षा महोत्सव आयोजित होगा। इस दौरान पूज्य गुरुदेव श्रद्धालुओं को सत्संग का लाभ भी देंगे। आयोजन के लिए समिति और जिला प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा, पेयजल और भोजन प्रसादी सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं।
समिति के अनुसार, पांच दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान सात लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने शिव महापुराण कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। गुरु दीक्षा महोत्सव के साथ इस भव्य आयोजन का समापन होगा, जिसमें आज भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।





