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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने उन तमाम अंतरराष्ट्रीय समाचार रिपोर्टों का पुरजोर खंडन किया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने लगभग 12 अरब अमरीकी डॉलर मूल्य का सोना बेच दिया है। पत्र सूचना कार्यालय (PIB) की फैक्ट चेक इकाई (Fact Check Unit) ने इस मामले की सच्चाई सामने रखते हुए स्पष्ट किया है कि विदेशी समाचार एजेंसी द्वारा किया गया यह दावा पूरी तरह मनगढ़ंत और फर्जी है।
सरकार ने आंकड़े जारी कर दिखाया सच
पीआईबी (PIB) ने रिजर्व बैंक के आधिकारिक और प्रामाणिक आंकड़ों का संदर्भ देते हुए साफ किया कि भारत अपने सोने के भंडार को घटा नहीं रहा, बल्कि लगातार बढ़ा रहा है। सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
- सितंबर 2025 के अंत में: भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने का हिस्सा 13.92 प्रतिशत था।
- 31 मार्च 2026 तक: यह आंकड़ा बढ़कर 16.70 प्रतिशत पर पहुंच गया।
- 22 मई 2026 तक: सोने का यह हिस्सा और मजबूत होकर 16.85 प्रतिशत हो गया है।
इन आंकड़ों से साफ है कि रिजर्व बैंक ने सोना बेचा नहीं है, बल्कि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी पिछले कुछ महीनों में लगातार बढ़ी है।

रिजर्व बैंक (RBI) ने नागरिकों से की ये अपील
इस पूरे विवाद पर रिजर्व बैंक ने भी स्थिति स्पष्ट की है। बैंक प्रशासन ने बताया कि भारत के सोने के भंडार की सटीक और आधिकारिक जानकारी बैंक के मासिक बुलेटिन (Monthly Bulletin) में नियमित रूप से प्रकाशित की जाती है। वर्तमान तिथि तक देश के स्वर्ण भंडार की स्थिति में ऐसा कोई नकारात्मक बदलाव नहीं हुआ है जैसा कि रिपोर्ट में दावा किया गया है।
भ्रामक खबरों से बचें: आरबीआई ने देश के नागरिकों और निवेशकों को सलाह दी है कि वे सोशल मीडिया या किसी विदेशी रिपोर्ट की अफवाहों में न आएं। किसी भी जानकारी को सही मानने से पहले केवल भारतीय रिज़र्व बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध प्रामाणिक और विश्वसनीय आंकड़ों पर ही भरोसा करें।





