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National Crime Desk (19 July 2026): देश की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने और अवैध सोने के नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है। डीआरआई ने देश के कई प्रमुख हिस्सों में एक साथ बड़ी कार्रवाई करते हुए बड़े पैमाने पर तस्करी का सोना, चांदी और करोड़ों रुपये की नकदी बरामद की है।
वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस देशव्यापी कार्रवाई में जब्त किए गए कुल सामान की कीमत लगभग 22 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस बड़े तस्करी रैकेट से जुड़े अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
📌 DRI मेगा ऑपरेशन: मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- 💰 कुल जब्ती: करीब 22 करोड़ रुपये मूल्य का तस्करी का माल बरामद।
- 🔑 बरामदगी का विवरण: 15 किलोग्राम विदेशी सोना, 20 किलोग्राम चांदी और 2 करोड़ रुपये से ज्यादा का कैश।
- ⛓️ बड़ी गिरफ्तारियां: तस्करी सिंडिकेट से जुड़े 13 शातिर तस्करों को किया गया अरेस्ट।
- 📍 एक्शन सेंटर्स: दिल्ली, मुंबई और पश्चिम बंगाल के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी।

🗺️ दिल्ली से मुंबई तक DRI का जाल: ऐसे हुआ बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़
डीआरआई की टीमों ने खुफिया इनपुट के आधार पर देश के तीन बड़े राज्यों और महानगरों में सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया:
- ✈️ दिल्ली एयरपोर्ट पर पहली कामयाबी: डीआरआई की टीम ने दिल्ली हवाई अड्डे पर एक संदिग्ध यात्री को इंटरसेप्ट किया। गहन तलाशी लेने पर उस यात्री के पास से करीब 1 किलोग्राम अवैध विदेशी सोना बरामद हुआ, जिसे बेहद शातिर तरीके से छुपाकर लाया जा रहा था।
- 🏙️ मुंबई में अंतरराष्ट्रीय गोल्ड स्मगलिंग रैकेट का पर्दाफाश: मुंबई में डीआरआई को सबसे बड़ी सफलता मिली। यहां टीम ने दबिश देकर सोना तस्करी करने वाले एक बेहद सक्रिय और संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया। इस गिरोह के तार विदेशों से भी जुड़े होने की आशंका है।
- 🌾 पश्चिम बंगाल में भी रेड: सीमा पार से होने वाली तस्करी के इनपुट्स के आधार पर पश्चिम बंगाल के विभिन्न संवेदनशील इलाकों और ठिकानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में कीमती धातुएं बरामद की गईं।

💼 वित्त मंत्रालय का बयान- आर्थिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम
इस मेगा ऑपरेशन की सफलता पर केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर डीआरआई की पीठ थपथपाई है। मंत्रालय के अनुसार:
“डीआरआई द्वारा की गई यह ताबड़तोड़ कार्रवाई देश के भीतर सोने की अवैध तस्करी को रोकने और भारत की आर्थिक सुरक्षा को अभेद्य बनाने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण और ठोस कदम है। आर्थिक अपराधों और अवैध सिंडिकेट्स के खिलाफ यह जीरो-टॉलरेंस नीति आगे भी जारी रहेगी।”




