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सीहोर/बुधनी: राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बुधनी स्थित पंचायत प्रशिक्षण केंद्र में स्वयं सहायता समूह की दीदियों के लिए आयोजित तीन दिवसीय विशेष क्षमता निर्माण प्रशिक्षण का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
दीदियों को मिला ‘बिजनेस’ गुरुमंत्र
इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में लगभग 30 दीदियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें घर की चहारदीवारी से बाहर निकलकर खुद का सफल व्यवसाय स्थापित करने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें मुख्य रूप से इन विषयों पर जानकारी दी गई:
- बाजार सर्वेक्षण (Market Survey): अपने उत्पाद के लिए सही बाजार और ग्राहकों की पहचान कैसे करें।
- व्यापार योजना (Business Plan): शून्य से व्यापार शुरू करने और उसे बड़े स्तर पर ले जाने की योजना बनाना।
- व्यावसायिक अवसर: स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर नए बिजनेस आइडिया खोजना।
- प्रेरणा और आत्मविश्वास: उद्यमशीलता के लिए जरूरी मानसिक दृढ़ता विकसित करना।

प्रमाण पत्र वितरण के साथ हुआ समापन
प्रशिक्षण के अंतिम दिन सभी प्रतिभागी दीदियों को उनकी सक्रिय भागीदारी के लिए प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई कि यहाँ से मिली सीख का उपयोग कर ये महिलाएं न केवल अपना आर्थिक स्तर सुधारेंगी, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बनेंगी।
महिला सशक्तिकरण की ओर बढ़ते कदम
इस तरह के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देना है। प्रशिक्षण पाकर अब ये दीदियां छोटे उद्योगों के माध्यम से अपनी पहचान बना सकेंगी और आजीविका मिशन के लक्ष्यों को धरातल पर उतारेंगी।





