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सीहोर: मध्य प्रदेश में बदलते मौसम और बारिश की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। सीहोर कलेक्टर श्री बालागुरु के. ने रबी सीजन 2026-27 के तहत खरीदे जा रहे गेहूं को सुरक्षित रखने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उपार्जित अनाज की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
परिवहन में लाएं तेजी, सुरक्षित करें भंडारण
कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों और उपार्जन केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया है कि:
- त्वरित परिवहन: केंद्रों पर जमा गेहूं का जल्द से जल्द उठाव कर उन्हें सुरक्षित गोदामों में पहुंचाया जाए। इसके लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त ट्रकों की व्यवस्था करने को कहा गया है।
- सुरक्षित स्टैकिंग: तौल के बाद बोरियों की सिलाई कर उन्हें ऊंचे स्थानों पर रखा जाए और तिरपाल (Tarpaulin) से ढंकने की अनिवार्य व्यवस्था की जाए।
- जल निकासी: उपार्जन केंद्रों पर जलभराव न हो, इसके लिए ड्रेनेज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों की सुविधा के लिए अतिरिक्त व्यवस्था
तौल प्रक्रिया को तेज करने के लिए कलेक्टर ने केंद्रों पर अतिरिक्त कांटे और श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि किसानों को ज्यादा समय तक इंतजार न करना पड़े। साथ ही, किसानों से भी अपील की गई है कि वे अपनी उपज को ढंककर ही केंद्रों पर लाएं।

गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं
कलेक्टर श्री बालागुरु के. ने कहा कि गेहूं की गुणवत्ता बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
- किसी भी स्थिति में अनाज का खुला भंडारण (Loose Storage) नहीं किया जाएगा।
- गुणवत्ता परीक्षण के बाद ही मानक प्रक्रिया के तहत भंडारण होगा।
- यदि आवश्यक हो, तो केंद्रों को वैकल्पिक सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि यदि बारिश के कारण अनाज का नुकसान होता है, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।





