सीहोर: स्टॉप डायरिया अभियान, स्कूल निरीक्षण और कन्या शिक्षा परिसर का दौरा, शिक्षा व जागरूकता पर रहा फोकस

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सीहोर, 8 जुलाई 2026। जिले में बुधवार को शिक्षा, स्वास्थ्य और छात्र जागरूकता से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए। एक ओर स्टॉप डायरिया अभियान के तहत विद्यार्थियों को पेयजल की गुणवत्ता जांचने का प्रशिक्षण दिया गया, वहीं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती सर्जना यादव ने स्कूलों का निरीक्षण कर बच्चों की आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान का आकलन किया। इसके अलावा मानव अधिकार आयोग के विशेष प्रतिवेदक श्री सुभाष चंद्र ने कन्या शिक्षा परिसर का निरीक्षण कर छात्राओं से संवाद किया।

स्टॉप डायरिया अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत जहाजपुर के माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों और विद्यालय स्टाफ को फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) के माध्यम से पेयजल की गुणवत्ता जांचने का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान दूषित पेयजल से होने वाली डायरिया सहित अन्य जलजनित बीमारियों की जानकारी दी गई तथा स्वच्छ पेयजल, हाथों की नियमित सफाई और व्यक्तिगत स्वच्छता का महत्व समझाया गया। विद्यार्थियों को एफटीके किट से पेयजल की प्राथमिक जांच का व्यवहारिक प्रदर्शन भी कराया गया।

इधर, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती सर्जना यादव ने बिलकिसगंज क्षेत्र के जनजातीय ग्राम सालीखेड़ा, पाटनी और बिलकिसगंज स्थित शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर खेल-आधारित गतिविधियों के माध्यम से भाषा और गणित की आधारभूत दक्षताओं का आकलन किया। शिक्षकों को गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति अपनाने और राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई एफएलएन शिक्षण सामग्री का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक कक्षाओं में मजबूत आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान बच्चों के समग्र शैक्षणिक विकास की नींव है।

वहीं, मानव अधिकार आयोग के विशेष प्रतिवेदक श्री सुभाष चंद्र ने सीहोर स्थित कन्या शिक्षा परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने कक्षाओं, विज्ञान प्रयोगशाला, पुस्तकालय, संगीत कक्ष और कंप्यूटर कक्ष सहित विभिन्न शैक्षणिक सुविधाओं का अवलोकन किया। छात्राओं से संवाद करते हुए उन्हें अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनने का संदेश दिया।

जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वास्थ्य, स्वच्छता, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना है, ताकि वे सुरक्षित, स्वस्थ और जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित हो सकें।

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