Vitamin D2 vs D3: ICMR-NIN की रिसर्च में सामने आया दिल और मांसपेशियों की सेहत के लिए कौन-सा विटामिन ज्यादा प्रभावी

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नई दिल्ली। अक्सर जब भी हड्डियों की मजबूती और शरीर में कैल्शियम के सही इस्तेमाल की बात होती है, तो विटामिन डी का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। यह पोषक तत्व शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस के अवशोषण में मदद करता है, जिससे हड्डियों और दांतों को स्वस्थ बनाए रखने में सहायता मिलती है। हालांकि, विटामिन डी की भूमिका केवल हड्डियों तक सीमित नहीं है। यह मांसपेशियों के सामान्य कामकाज और शरीर के कई अन्य कार्यों के लिए भी महत्वपूर्ण है।

हैदराबाद स्थित भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय पोषण संस्थान (ICMR-NIN) से जुड़ी एक रिसर्च के बारे में सामने आई जानकारी में विटामिन डी के दो प्रमुख रूपों, विटामिन डी2 और विटामिन डी3, की तुलना की गई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, अध्ययन में स्केलेटल मसल्स यानी कंकालीय मांसपेशियों और हृदय की कार्यप्रणाली को बनाए रखने के संदर्भ में विटामिन डी3 को विटामिन डी2 की तुलना में अधिक प्रभावी पाया गया।

विटामिन डी2 और डी3 में क्या अंतर है?

विटामिन डी2 को एर्गोकैल्सीफेरॉल (Ergocalciferol) और विटामिन डी3 को कोलेकैल्सीफेरॉल (Cholecalciferol) कहा जाता है। दोनों विटामिन डी के रूप हैं और शरीर में विटामिन डी की उपलब्धता बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, इनके स्रोत और शरीर में इनके स्तर पर पड़ने वाले प्रभावों में अंतर हो सकता है।

विटामिन डी2 मुख्य रूप से कुछ प्रकार के फंगस और यीस्ट से प्राप्त किया जाता है। इसे पराबैंगनी किरणों के संपर्क में लाकर तैयार किया जा सकता है। कुछ खाद्य पदार्थों को विटामिन डी से समृद्ध बनाने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।

दूसरी ओर, विटामिन डी3 त्वचा में सूर्य की पराबैंगनी-बी (UVB) किरणों के प्रभाव से बनता है। यह कुछ पशु-आधारित खाद्य पदार्थों और सप्लीमेंट्स में भी पाया जाता है। लाइकेन से प्राप्त विटामिन डी3 के शाकाहारी विकल्प भी उपलब्ध हैं।

ICMR-NIN की रिसर्च में क्या सामने आया?

उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, हैदराबाद स्थित ICMR-NIN की रिसर्च में विटामिन डी2 और डी3 के प्रभावों की तुलना की गई। अध्ययन से संबंधित विवरण में बताया गया कि कंकालीय मांसपेशियों और हृदय की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाए रखने के संदर्भ में विटामिन डी3 का प्रभाव विटामिन डी2 से अधिक पाया गया।

कंकालीय मांसपेशियां वे मांसपेशियां हैं जो हड्डियों से जुड़ी होती हैं और चलने, उठने-बैठने, शरीर का संतुलन बनाए रखने तथा दैनिक गतिविधियां करने में मदद करती हैं। इन मांसपेशियों की सामान्य कार्यक्षमता के लिए पर्याप्त पोषण महत्वपूर्ण है।

हड्डियों के अलावा मांसपेशियों के लिए भी जरूरी है विटामिन डी

विटामिन डी शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस के अवशोषण में मदद करता है। इन खनिजों की पर्याप्त उपलब्धता हड्डियों के सामान्य विकास और मजबूती के लिए आवश्यक है। बच्चों में हड्डियों के विकास से लेकर वयस्कों और बुजुर्गों में हड्डियों का स्वास्थ्य बनाए रखने तक इसकी भूमिका महत्वपूर्ण है।

विटामिन डी मांसपेशियों के सामान्य कार्य में भी योगदान देता है। इसकी गंभीर कमी होने पर कुछ लोगों में मांसपेशियों की कमजोरी, हड्डियों में दर्द या चलने-फिरने में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि, इन लक्षणों के अन्य कारण भी हो सकते हैं और केवल लक्षणों के आधार पर विटामिन डी की कमी का निदान नहीं किया जा सकता।

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