सीहोर। दीपावली के त्योहार को देखते हुए सीहोर शहर में तैयारियां तेज हो गई हैं। बाजारों में रौनक बढ़ने के साथ ही अस्थाई पटाखा दुकानों को लेकर भी प्रशासनिक गतिविधियां शुरू हो गई हैं। इसी क्रम में शहर के प्रसिद्ध बीएसआई मैदान पर दीपावली के अवसर पर लगने वाले अस्थाई पटाखा बाजार के लिए नगर पालिका कार्यालय में रविवार को नीलामी प्रक्रिया आयोजित की गई। इस प्रक्रिया से नगर पालिका को लगभग 12 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। हालांकि, दुकानों की सीमित संख्या और आवेदन करने वाले व्यापारियों की अधिक संख्या के कारण नीलामी के दौरान विवाद की स्थिति बन गई। दुकानें आवंटित कराने पहुंचे दुकानदारों ने अपनी नाराजगी जताई और जमकर हंगामा किया।
इस बार पटाखा बाजार में दुकान लगाने के लिए व्यापारियों में काफी उत्साह देखने को मिला। नगर पालिका को कुल 85 आवेदन प्राप्त हुए, जबकि बीएसआई मैदान पर अस्थाई पटाखा दुकानें लगाने के लिए केवल 65 दुकानों की व्यवस्था थी। यानी दुकानों की उपलब्धता से 20 आवेदन अधिक प्राप्त हुए। इसी अंतर के कारण सभी आवेदकों को दुकान आवंटित करना संभव नहीं हो सका। नगर पालिका की ओर से जिन 20 आवेदकों को दुकान नहीं मिल पाई, उन्हें जमा कराई गई राशि वापस करने की प्रक्रिया की जा रही है।
85 व्यापारियों ने किया था दुकानों के लिए आवेदन
नगर पालिका द्वारा दीपावली के अवसर पर बीएसआई मैदान में अस्थाई पटाखा बाजार लगाने की तैयारी की गई थी। इसके लिए इच्छुक व्यापारियों से आवेदन आमंत्रित किए गए थे। बाजार में दुकान लगाने के इच्छुक कुल 85 व्यापारियों और दुकानदारों ने आवेदन जमा किए। निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रत्येक आवेदक से 4500 रुपए की राशि जमा कराई गई थी।
आवेदनों की संख्या सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो गया था कि दुकानों की तुलना में व्यापारियों की संख्या अधिक है। जहां 85 लोग दुकान लगाने के इच्छुक थे, वहीं नगर पालिका के पास केवल 65 दुकानों का स्थान उपलब्ध था। ऐसे में सभी आवेदकों को दुकान मिलना संभव नहीं था।
नीलामी प्रक्रिया के दौरान इसी स्थिति को लेकर व्यापारियों के बीच असंतोष देखने को मिला। जिन लोगों ने दुकान लगाने की उम्मीद से आवेदन किया था, वे आवंटन प्रक्रिया में अपनी भागीदारी को लेकर उत्साहित थे। लेकिन सीमित दुकानों के कारण सभी को अवसर नहीं मिल सका। इसके चलते नगर पालिका कार्यालय में नीलामी के दौरान हंगामे की स्थिति बन गई।
नीलामी के दौरान व्यापारियों ने जताई नाराजगी
रविवार को नगर पालिका कार्यालय में आयोजित नीलामी प्रक्रिया के दौरान काफी गहमागहमी रही। पटाखा दुकानें हासिल करने के लिए बड़ी संख्या में आवेदक पहुंचे थे। दुकानों की संख्या कम होने के कारण आवंटन को लेकर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इस दौरान कुछ दुकानदारों ने अपनी नाराजगी जाहिर की और हंगामा किया।
नीलामी प्रक्रिया में 65 अस्थाई दुकानों के लिए 85 आवेदकों की मौजूदगी ने प्रशासनिक व्यवस्था के सामने भी चुनौती खड़ी कर दी। व्यापारियों की अपेक्षा थी कि उन्हें दीपावली के दौरान कारोबार करने का अवसर मिलेगा, लेकिन उपलब्ध दुकानों की संख्या सीमित होने से 20 आवेदकों को निराश होना पड़ा।
त्योहारी सीजन पटाखा कारोबारियों के लिए साल का महत्वपूर्ण समय माना जाता है। दीपावली के आसपास पटाखों की मांग बढ़ने के कारण व्यापारी अस्थाई दुकानें लगाने के लिए पहले से तैयारियां करते हैं। ऐसे में दुकान आवंटन नहीं होने की स्थिति में व्यापारियों का नाराज होना भी नीलामी के दौरान चर्चा का विषय बना रहा।
नगर पालिका को लगभग 12 लाख रुपए का राजस्व
पटाखा दुकानों की नीलामी प्रक्रिया से नगर पालिका को लगभग 12 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। दीपावली के अवसर पर अस्थाई बाजार लगाने के लिए दुकानों के आवंटन से नगर पालिका को यह आय हुई है। स्थानीय निकायों के लिए इस तरह के आयोजन राजस्व प्राप्ति का एक माध्यम होते हैं। त्योहारों के दौरान अस्थाई बाजारों और दुकानों की व्यवस्था से जहां व्यापारियों को कारोबार का अवसर मिलता है, वहीं नगर पालिका को भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत आय प्राप्त होती है।
इस बार 65 दुकानों के लिए नीलामी आयोजित की गई, जिसमें नगर पालिका को करीब 12 लाख रुपए की राशि प्राप्त हुई। यह राशि अस्थाई पटाखा बाजार की दुकानों के आवंटन से जुड़ी प्रक्रिया का परिणाम है।
नगर पालिका के लिए इस पूरी प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी रहा कि सीमित स्थान में अधिक आवेदकों को समायोजित करना संभव नहीं था। इसलिए उपलब्ध दुकानों के अनुसार ही आवंटन की व्यवस्था की गई।
बीएसआई मैदान पर सजेगा दीपावली का पटाखा बाजार
शहर के बीएसआई मैदान पर हर साल दीपावली के अवसर पर अस्थाई पटाखा दुकानों का बाजार लगाया जाता है। इस बार भी इसी मैदान पर दुकानों की व्यवस्था की जा रही है। दीपावली के नजदीक आते ही यहां व्यापारिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।
पटाखा बाजार में दुकानें लगाने के लिए व्यापारियों के बीच प्रतिस्पर्धा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 65 दुकानों के लिए 85 आवेदन प्राप्त हुए। इससे स्पष्ट है कि स्थानीय व्यापारियों में दीपावली के दौरान कारोबार करने को लेकर काफी रुचि है।
हालांकि, पटाखा बाजार की सफलता केवल दुकानों के आवंटन तक सीमित नहीं है। बाजार में सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, अग्निशमन सुविधाएं और निर्धारित नियमों का पालन भी महत्वपूर्ण रहेगा। पटाखों की बिक्री और भंडारण के लिए लागू प्रशासनिक एवं सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करना आवश्यक होता है। इससे व्यापारियों के साथ-साथ बाजार में खरीदारी करने आने वाले नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है।
त्योहारी कारोबार से बढ़ेगी शहर के बाजारों में रौनक
दीपावली के अवसर पर सीहोर के बाजारों में हर साल व्यापारिक गतिविधियां बढ़ जाती हैं। कपड़े, मिठाई, सजावटी सामान, पूजन सामग्री और पटाखों की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने लगती है। ऐसे में बीएसआई मैदान पर लगने वाला अस्थाई पटाखा बाजार भी शहर की त्योहारी तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
फिलहाल पटाखा दुकानों की नीलामी पूरी होने के बाद नगर पालिका को लगभग 12 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। 85 आवेदकों में से 65 को दुकानें उपलब्ध कराई जाएंगी, जबकि शेष 20 आवेदकों को उनकी जमा राशि वापस की जा रही है। नीलामी के दौरान हुए हंगामे के बावजूद अब शहर में पटाखा बाजार सजाने की तैयारियां आगे बढ़ेंगी।





