सीहोर। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर सीहोर पुलिस ने जिले के वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के मार्गदर्शन में गठित सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत ने चार निजी संस्थानों के साथ एमओयू यानी अनुबंध किया है। इस अनुबंध के बाद पंचायत से जुड़े वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न सेवाओं में निर्धारित छूट का लाभ मिल सकेगा।
चार संस्थानों से हुआ एमओयू
1 अक्टूबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर किए गए एमओयू में सीहोर के चार संस्थानों ने वरिष्ठ नागरिकों को अपनी सेवाओं में छूट देने के लिए स्वेच्छा से सहमति दी है। इनमें पैथोलॉजी जांच, रेस्टोरेंट, किराना और दवाइयों से संबंधित सेवाएं शामिल हैं।
पहला अनुबंध श्री प्रदीप अश्विनी मालवीय की वैष्णवी पैथोलॉजी के साथ किया गया है। इसके तहत वरिष्ठ नागरिकों को पैथोलॉजी से संबंधित विभिन्न जांचों पर 30 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इसमें खून, पेशाब और अन्य पैथोलॉजी जांच शामिल हैं। बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य जांच नियमित जरूरत का हिस्सा हो सकती है, ऐसे में इस छूट से जांच कराने वाले वरिष्ठ नागरिकों के खर्च में कमी आ सकती है।
परिचय पत्र दिखाने पर मिलेगा लाभ
पुलिस पंचायत की ओर से किए गए इन अनुबंधों का लाभ लेने के लिए वरिष्ठ नागरिकों के पास पंचायत का परिचय पत्र होना जरूरी होगा। संबंधित संस्थानों में सेवाएं या सामान लेते समय परिचय पत्र दिखाने के आधार पर निर्धारित छूट प्रदान की जाएगी।
इस व्यवस्था से यह भी स्पष्ट होता है कि पुलिस की सीनियर सिटीजन पंचायत को केवल शिकायतों के निपटारे के मंच के रूप में नहीं देखा जा रहा है, बल्कि इसके माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को सामाजिक और दैनिक जरूरतों में सहायता देने की कोशिश भी की जा रही है।
सीहोर पुलिस की यह पहल वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और विवाद समाधान से आगे बढ़कर उनकी रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ने का प्रयास भी है। चार संस्थानों के साथ हुए एमओयू में स्वास्थ्य जांच पर 30 प्रतिशत, रेस्टोरेंट के सभी आइटम पर 10 प्रतिशत, किराना सामान पर 5 प्रतिशत और जहां संभव हो दवाइयों पर 10 प्रतिशत की छूट का प्रावधान किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर शुरू की गई यह सुविधा वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सहायता तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक अतिरिक्त कदम है। आने वाले समय में यदि इस तरह के और संस्थान इस पहल से जुड़ते हैं, तो पंचायत के परिचय पत्र के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को अन्य सेवाओं में भी सुविधाएं मिल सकती हैं।








