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भोपाल। एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई ने ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। तीन दिनों तक चली लंबी पूछताछ, स्पॉट वेरिफिकेशन और फॉरेंसिक जांच के बाद आखिरकार सीबीआई ने यह कदम उठाया। गिरिबाला सिंह को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा।
इस हाई-प्रोफाइल मामले को सुलझाने के लिए सीबीआई अब बेहद आधुनिक तकनीक का सहारा ले रही है।
📌 मुख्य बिंदु: जो आपको जानना जरूरी है
- बड़ी गिरफ्तारी: सबूत मिटाने और गुमराह करने के आरोप में मृतका की सास गिरिबाला सिंह गिरफ्तार।
- आमने-सामने पूछताछ: ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास को आमने-सामने बैठाकर सच उगलवाएगी सीबीआई।
- हाई-टेक जांच: ट्विशा का ‘डिजिटल अवतार’ और ‘सिम्युलेटेड वर्चुअल वॉकथ्रू’ तैयार कर रही है जांच एजेंसी।
- विवाद की वजह: ₹20 लाख के शेयर्स अपने नाम कराने का दबाव और दहेज के लिए मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना।

🔬 ‘टनल व्यू’ तकनीक से खुलेगा राज: तैयार हो रहा है ‘डिजिटल अवतार’
सीबीआई इस केस में ‘टनल व्यू इन्वेस्टिगेशन’ (Tunnel View Investigation) तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। इसके तहत ट्विशा के आखिरी घंटों का एक मिनट-टू-मिनट वर्चुअल रीक्रिएशन तैयार किया जा रहा है।
| डिजिटल एविडेंस के मुख्य स्रोत | जांच का तरीका |
|---|---|
| CCTV फुटेज | तीन मंजिला मकान में संदिग्धों और ट्विशा की आखिरी लोकेशन ट्रैक करने के लिए। |
| मोबाइल & वाई-फाई लॉग | घटना की रात इंटरनेट उपयोग और एक्टिविटी टाइमिंग का मिलान करने के लिए। |
| कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) | टावर लोकेशन की मदद से यह जानना कि घटना के वक्त और उसके तुरंत बाद किससे संपर्क किया गया था। |
| कमरों की फॉरेंसिक मैपिंग | घर के भीतर ट्विशा के मूवमेंट का एक डिजिटल वॉकथ्रू सिम्युलेटर बनाने के लिए। |
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक: “इस डिजिटल अवतार और वर्चुअल वॉकथ्रू से संदिग्धों के बयानों में मौजूद विरोधाभास और टाइमिंग के गैप को आसानी से पकड़ा जा सकेगा।”

🕒 3 दिन की जांच और फिर गिरफ्तारी: घटनाक्रम
सीबीआई ने 25 मई की रात इस मामले में औपचारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी। इसके बाद कार्रवाई बेहद तेजी से आगे बढ़ी:
- 26 मई: सीबीआई की टीम पहली बार बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित गिरिबाला के घर पहुंची। करीब 2 घंटे तक पूछताछ की गई।
- 28 मई (सुबह 10:30 बजे): टीम दोबारा घर पहुंची। लगातार 7 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई।
- स्पॉट वेरिफिकेशन: जांच के दौरान सीबीआई को कई ऐसे संकेत मिले जिससे स्पष्ट हुआ कि घटनास्थल पर सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई थी। इसी आधार पर गिरिबाला सिंह को हिरासत में लिया गया।
💔 प्रताड़ना की वजह: 20 लाख के शेयर और दहेज का दबाव
ट्विशा के एडवोकेट अंकुर पांडे के मुताबिक, इस पूरी प्रताड़ना और संदिग्ध मौत के पीछे मुख्य रूप से लालच और दहेज था:
- शेयर्स हड़पने की कोशिश: ट्विशा के नाम पर शादी के वक्त अलग-अलग कंपनियों के करीब ₹20 लाख के शेयर्स थे। शादी के बाद जब वियतनाम से लौटने पर पति समर्थ और सास गिरिबाला को इसका पता चला, तो वे उन शेयर्स को अपने नाम ट्रांसफर करवाने का दबाव बनाने लगे।
- बच्चे को लेकर टॉर्चर: ट्विशा ने अपनी मां को फोन पर बताया था कि समर्थ और गिरिबाला दहेज की मांग को लेकर उससे मारपीट करते हैं और बच्चे के नाम पर भी उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं।

⚖️ आगे क्या?
12 मई की रात भोपाल स्थित ससुराल में ट्विशा की संदिग्ध मौत हुई थी। स्थानीय पुलिस की जांच से असंतुष्ट परिजनों की मांग के बाद मामला सीबीआई को सौंपा गया। अब सीबीआई गिरिबाला सिंह को कोर्ट में पेश कर रिमांड की मांग करेगी। इसके साथ ही, परिवार के अन्य करीबी लोगों, घरेलू नौकरों और घटना की रात संपर्क में आए




