रिटायरमेंट से पहले एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने राजनाथ सिंह को लिखा पत्र, दिल्ली में IAF स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की जमीन को लेकर बढ़ा विवाद

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दिल्ली में भारतीय वायु सेना (IAF) के एक महत्वपूर्ण स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। भारतीय वायु सेना के पूर्व प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने अपने कार्यकाल के अंतिम दिनों में इस मामले को गंभीरता से उठाते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखा था। उन्होंने दिल्ली स्थित रेस कोर्स एयर फोर्स स्टेशन के भीतर बने एयर फोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की जमीन को भारतीय वायु सेना के नियंत्रण में बनाए रखने की मांग की थी। यह पत्र 26 अक्टूबर 2026 को लिखा गया था, जबकि एपी सिंह 31 अक्टूबर को वायु सेना प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हो गए।

इस मामले ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को बंद करने की कार्रवाई ऐसे समय में हुई, जब एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की विदाई की तैयारियां चल रही थीं। परिसर बंद होने के कारण उनके लिए आयोजित होने वाला पारंपरिक विदाई कार्यक्रम भी रद्द करना पड़ा। रक्षा प्रतिष्ठान से जुड़े लोगों के बीच इस कार्रवाई को लेकर चिंता बताई जा रही है।

रिटायरमेंट से पांच दिन पहले रक्षा मंत्री को लिखा पत्र

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने बताया कि एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने 26 अक्टूबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को विस्तृत पत्र भेजा था। इसमें उन्होंने रेस कोर्स एयर फोर्स स्टेशन की जमीन और वहां संचालित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के महत्व का उल्लेख किया।

उन्होंने रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि संबंधित जमीन भारतीय वायु सेना के नियंत्रण में ही रहनी चाहिए। अधिकारियों के अनुसार, एपी सिंह ने पत्र लिखने के बाद 29 अक्टूबर को रक्षा मंत्री से व्यक्तिगत मुलाकात भी की थी। इस दौरान उन्होंने जमीन के मामले पर दोबारा विचार करने और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने का अनुरोध किया।

क्यों सील किया गया एयर फोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स?

दिल्ली के लोक कल्याण मार्ग के आसपास स्थित रेस कोर्स एयर फोर्स स्टेशन के भीतर एयर फोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया गया है। यह परिसर लंबे समय से भारतीय वायु सेना के अधिकारियों, कर्मचारियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के उपयोग में रहा है।

आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) के अंतर्गत आने वाले भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) की ओर से इस जमीन को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसी कार्रवाई के तहत स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को बंद कर दिया गया। अधिकारियों की जानकारी के मुताबिक, परिसर के प्रबंधन को जमीन खाली करने के लिए नोटिस भी जारी किए गए थे।

28 अक्टूबर को परिसर को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया। सदस्यों को इसकी सूचना दी गई और परिसर में नियमित गतिविधियां रोक दी गईं। इस फैसले के बाद वायु सेना से जुड़े लोगों में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई।

2014 के संयुक्त सर्वे का दिया हवाला

एपी सिंह ने रक्षा मंत्री को लिखे पत्र में वर्ष 2014 में किए गए एक संयुक्त सर्वे का भी उल्लेख किया था। यह सर्वे तत्कालीन शहरी विकास मंत्रालय, रक्षा संपदा विभाग और भारतीय वायु सेना के अधिकारियों ने मिलकर किया था।

रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित जमीन का क्षेत्रफल 40 एकड़ से अधिक बताया गया है। एपी सिंह ने इस सर्वे और जमीन से जुड़े पुराने रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि एयर फोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स वाली जमीन को वायु सेना के नियंत्रण में बनाए रखना उचित होगा।

उन्होंने एयर फोर्स स्टेशन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और उसके तीन अलग-अलग भूमि खंडों की स्थिति का भी उल्लेख किया। उनका आग्रह था कि स्टेशन से जुड़ी सभी सुविधाएं पहले की तरह संचालित होती रहनी चाहिए।

वायु सेना की ओर से भी रक्षा मंत्रालय को इस मामले में अपनी आपत्तियों से अवगत कराने और सीलिंग की प्रक्रिया को रद्द करने का अनुरोध किए जाने की जानकारी सामने आई है।

सिर्फ गोल्फ कोर्स नहीं, प्रशिक्षण और फिटनेस का भी केंद्र

एयर फोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में गोल्फ कोर्स, स्विमिंग पूल और अन्य खेल एवं मनोरंजन संबंधी सुविधाएं मौजूद हैं। यहां अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए फिटनेस तथा शारीरिक गतिविधियों से जुड़ी व्यवस्थाएं भी उपलब्ध रही हैं।

इस परिसर का उपयोग केवल वरिष्ठ अधिकारियों तक सीमित नहीं था। भारतीय वायु सेना के सेवारत कर्मचारियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के सदस्य भी यहां आते थे।

इससे जुड़ा एक महत्वपूर्ण पहलू अग्निवीरों और वायु सेना के एयरमैन के प्रशिक्षण का भी है। परिसर में प्रशिक्षण संबंधी सुविधाएं उपलब्ध होने की जानकारी पहले भी सामने आई थी। ऐसे में वायु सेना की चिंता केवल खेल गतिविधियों के बंद होने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशिक्षण, फिटनेस और कर्मचारियों के कल्याण से जुड़ी जरूरतें भी इस विवाद का हिस्सा हैं।

एयर चीफ की विदाई का कार्यक्रम भी हुआ रद्द

स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बंद होने का असर एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के विदाई कार्यक्रम पर भी पड़ा। परंपरा के अनुसार, वायु सेना प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी के लिए गोल्फिंग-आउट नाम से विदाई कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।

एयर चीफ मार्शल वायु सेना के गोल्फ कोर्स के संरक्षक प्रमुख यानी पैट्रन-इन-चीफ होते हैं। इसी परंपरा के तहत एपी सिंह के लिए भी गोल्फ से जुड़ा विदाई कार्यक्रम निर्धारित किया गया था।

लेकिन 28 अक्टूबर को स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बंद किए जाने के कारण यह कार्यक्रम आयोजित नहीं हो सका। इस घटनाक्रम ने जमीन के विवाद को और अधिक चर्चा में ला दिया।

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