भोपाल। शहर की सफाई व्यवस्था, अतिक्रमण और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। नगर निगम की कमान संभालने के बाद से ही वे अधिकारियों के साथ शहर के अलग-अलग इलाकों का निरीक्षण कर रहे हैं। उनका जोर केवल कार्यालय में बैठकर समीक्षा करने के बजाय मौके पर पहुंचकर समस्याओं को समझने और तत्काल समाधान कराने पर है। इसी क्रम में रविवार को भी आयुक्त ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उनका विशेष ध्यान सार्वजनिक स्थानों की व्यवस्था और नागरिकों की सुविधाओं पर रहा।

रविवार सुबह करीब 6 बजे नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार अधिकारियों के साथ इंटर स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) पहुंचे। सुबह-सुबह हुए इस निरीक्षण का उद्देश्य बस परिसर की व्यवस्थाओं को देखना और यात्रियों को होने वाली परेशानियों का पता लगाना था। निरीक्षण के दौरान बस ऑपरेटरों की ओर से कॉरिडोर में सामान फैलाकर रखने और लंबे समय से कुछ बसों को परिसर में खड़ा रखने की स्थिति सामने आई। इस पर आयुक्त ने संबंधित बस ऑपरेटरों को तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
ISBT में कॉरिडोर पर फैला मिला सामान
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने पाया कि बस ऑपरेटरों ने बस टर्मिनल के कॉरिडोर में सामान फैला रखा था। कॉरिडोर यात्रियों के आने-जाने के लिए महत्वपूर्ण स्थान होता है। यहां सामान रखे होने से यात्रियों के आवागमन में परेशानी हो रही थी।
बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक परिवहन केंद्र पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों का आना-जाना होता है। ऐसे में रास्तों और कॉरिडोर को खाली रखना जरूरी है, ताकि यात्रियों को बसों तक पहुंचने और परिसर में आवाजाही करने में असुविधा न हो। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और सामान लेकर यात्रा करने वाले लोगों के लिए रास्ते में बाधा परेशानी का कारण बन सकती है।
इस स्थिति को देखते हुए आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने बस ऑपरेटरों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कॉरिडोर में रखा सामान तत्काल हटाया जाए। उन्होंने सार्वजनिक आवागमन के रास्तों को खाली रखने और परिसर में व्यवस्थित तरीके से संचालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
लंबे समय से खड़ी बसों को परिसर से हटाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान कुछ बसें ऐसी भी मिलीं, जो लंबे समय से ISBT परिसर में खड़ी थीं। ये बसें नियमित रूप से संचालित नहीं हो रही थीं, लेकिन परिसर में जगह घेर रही थीं। इससे बस टर्मिनल की उपलब्ध जगह का उपयोग प्रभावित होने की स्थिति बन रही थी।
आयुक्त ने ऐसे बस ऑपरेटरों को निर्देश दिए कि गैर संचालित बसों को परिसर से बाहर किया जाए। उनका कहना था कि बस टर्मिनल का उपयोग यात्रियों की सुविधा और नियमित बस संचालन के लिए होना चाहिए। लंबे समय तक खड़ी रहने वाली बसों के कारण अन्य बसों के संचालन और परिसर की व्यवस्थाओं पर असर पड़ सकता है।
बस स्टैंड में उपलब्ध स्थान का उचित उपयोग करना सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक है। यदि गैर संचालित वाहन लंबे समय तक परिसर में खड़े रहते हैं, तो इससे पार्किंग और आवाजाही की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसलिए आयुक्त ने संबंधित ऑपरेटरों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
शहर में सफाई, अतिक्रमण नियंत्रण और नागरिक सुविधाओं को लेकर नगर निगम आयुक्त की सक्रियता से सार्वजनिक स्थलों के बेहतर प्रबंधन की उम्मीद की जा रही है। हालांकि, किसी भी निरीक्षण का वास्तविक परिणाम तभी सामने आता है, जब मौके पर दिए गए निर्देशों का नियमित पालन सुनिश्चित किया जाए।
ISBT जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक परिवहन केंद्र पर रास्ते खाली रखना, गैर संचालित बसों को हटाना और यात्रियों के लिए सुविधाजनक वातावरण बनाए रखना जरूरी है। यदि बस ऑपरेटर और संबंधित अधिकारी इन निर्देशों का पालन करते हैं, तो यात्रियों को होने वाली परेशानियों में कमी आ सकती है। नगर निगम प्रशासन की आगामी कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि निरीक्षण के बाद व्यवस्थाओं में कितना सुधार होता है।




