RSS की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक आज से इंदौर में, मोहन भागवत करेंगे शुभारंभ; शताब्दी वर्ष के कार्यों की होगी समीक्षा

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इंदौर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक सोमवार से मध्य प्रदेश के इंदौर में शुरू होगी। बैठक का आयोजन शहर के प्रतिष्ठित डेली कॉलेज परिसर में किया जा रहा है। संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत सुबह 9 बजे बैठक का शुभारंभ करेंगे। इस महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही आगामी कार्यक्रमों, संगठन के विस्तार और सामाजिक गतिविधियों को लेकर आगे की कार्ययोजना तैयार करने पर विचार-विमर्श होगा।

संघ की इस बैठक को संगठन की आगामी गतिविधियों और प्राथमिकताओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक जागरूकता, डिजिटल माध्यमों के बढ़ते प्रभाव, युवाओं की सहभागिता और नशामुक्त भारत जैसे विषयों पर चर्चा प्रस्तावित है। इसके अलावा महिलाओं को संघ से जुड़ी आगामी गतिविधियों और कार्यक्रमों में अधिक सक्रिय रूप से शामिल करने की रूपरेखा पर भी विचार किया जाएगा।

डेली कॉलेज में जुटेंगे संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी

इंदौर में आयोजित इस तीन दिवसीय बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे। बैठक में भाग लेने के लिए सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित छह सह सरकार्यवाह इंदौर पहुंच चुके हैं। संघ के प्रमुख पदाधिकारियों की मौजूदगी से बैठक के संगठनात्मक महत्व का अंदाजा लगाया जा सकता है।

अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल संघ की महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठकों में शामिल है। इसमें संगठन के विभिन्न स्तरों पर चल रही गतिविधियों, सामाजिक अभियानों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की जाती है। अलग-अलग क्षेत्रों में संघ के कार्यों की प्रगति का आकलन करने के साथ उन विषयों पर भी विचार किया जाता है, जिन पर आने वाले समय में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

शताब्दी वर्ष के कार्यों की होगी समीक्षा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष के दौरान संगठनात्मक विस्तार के साथ समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बनाने पर जोर दे रहा है। इंदौर की बैठक में इसी दिशा में किए गए प्रयासों की समीक्षा की जाएगी।

बैठक में यह विचार किया जाएगा कि शताब्दी वर्ष के दौरान शुरू की गई गतिविधियां कितनी प्रभावी रही हैं और उन्हें आगे किस प्रकार अधिक व्यापक बनाया जा सकता है। इसके साथ ही आने वाले समय में संगठन की प्राथमिकताओं और कार्यपद्धति को लेकर भी चर्चा होगी।

संगठन विस्तार के तहत समाज के अलग-अलग वर्गों, युवाओं, महिलाओं और सामाजिक क्षेत्रों में सक्रिय लोगों तक पहुंच बढ़ाने की योजनाओं पर विचार किया जा सकता है। इसके लिए कार्यक्रमों की रूपरेखा, स्थानीय स्तर पर भागीदारी और स्वयंसेवकों की सक्रियता जैसे विषय महत्वपूर्ण रहेंगे।

राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता पर चर्चा

बैठक के प्रमुख विषयों में राष्ट्रीय सुरक्षा भी शामिल है। वर्तमान समय में देश के सामने मौजूद सुरक्षा संबंधी चुनौतियों, नागरिकों की जागरूकता और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।

राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों पर विचार करना भी बैठक के एजेंडे का हिस्सा है। संघ की संगठनात्मक गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों में राष्ट्रीय जिम्मेदारी और सामाजिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हो सकती है।

इसके अलावा सामाजिक जागरूकता से जुड़े मुद्दे भी बैठक में प्रमुखता से उठेंगे। समाज में सकारात्मक बदलाव, सामाजिक समरसता और सामूहिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की जाएगी।

तीन दिनों तक चलने वाली इस बैठक में शताब्दी वर्ष की गतिविधियों की समीक्षा के साथ भविष्य की योजनाओं पर मंथन किया जाएगा। राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक जागरूकता, डिजिटल प्रभाव, युवा सहभागिता, महिलाओं की भागीदारी और नशामुक्त भारत जैसे विषयों पर चर्चा से संगठन की आगामी प्राथमिकताओं को दिशा मिलने की संभावना है।

बैठक के दौरान होने वाले विचार-विमर्श और निर्णयों पर देशभर में संघ की गतिविधियों की आगे की दिशा निर्भर करेगी। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि शताब्दी वर्ष के बाद संघ अपनी संगठनात्मक और सामाजिक गतिविधियों को किस तरह आगे बढ़ाता है तथा समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी बढ़ाने के लिए क्या नई योजनाएं तैयार करता है।

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